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यूलिप प्लान: यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान क्या हैं?

एक यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान निवेश के एक पसंदीदा मोड में से एक है, जो आपकी दोहरी जरूरत जैसे कि बीमा कवर और धन सृजन को पूरा करता है और साथ ही साथ आपके जीवन लक्ष्यों को भी पूरा करता है.

Our unit linked insurance plans
बजाज आलियांज लाइफ स्मार्ट वेल्थ गोल

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बजाज एलियांज लाइफ लॉन्गलाइफ गोल

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बजाज एलियांज़ लाइफ़ गोल एश्योर

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बजाज एलियांज़ फ़्यूचर गेन

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बजाज एलियांज फॉर्चून गेन

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बजाज आलियांज लाइफ स्मार्ट वेल्थ गोल

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बजाज एलियांज़ लॉन्गलाइफ़ गोल

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बजाज एलियांज फॉर्चून गेन

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बजाज एलियांज लाइफ गोल बेस्ड सेविंग

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बजाज एलियांज़ लाइफ़ प्रिंसिपल गेन

बजाज एलियांज़ लाइफ़ प्रिंसिपल गेन

यूलिप (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान) क्या है?

यूलिप (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान) क्या है?

असामयिक मृत्यु की बढ़ती घटना के कारण, लाइफ़ इंश्योरेंस एक ज़रूरत बन गई है. लाइफ़ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के लिए वित्तीय संसाधन की ज़रूरत होती है और ये संसाधन हमेशा ही सीमित होते हैं. क्या हो अगर आपको लाइफ़ इंश्योरेंस की सुरक्षा के साथ-साथ मार्केट से जुड़े रिटर्न भी मिले? अपने निवेश पर रिटर्न पाना उतना ही जटिल है जितना जीवन के लंबे-समय तक वाले लक्ष्यों को पाना, जैसे कि बच्चों की पढ़ाई, अपने सपने की कार या कोई घर खरीदना जिसके लिए निवेश किया गया हो. यूनिट से लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान या यूलिप आपको लाइफ़ इंश्योरेंस की सुरक्षा के साथ-साथ जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए धन एकत्र करने में मदद कर सकता है. यूलिप प्लान अब भारतीय वित्त मार्केट में सबसे ज़्यादा पसंद किए जाने वाले निवेश विकल्पों में से एक हैं.

एक यूलिप प्लान वह अद्वितीय वित्त टूल होता है जो सेविंग के लाभों और सुरक्षा को एक ही पॉलिसी में संयोजित करता है. पॉलिसीधारकों को उनकी जोखिम प्रोफ़ाइल और निवेश सीमा के आधार पर कई सारे मार्केट से लिंक्ड यूलिप फ़ंड में निवेश का विकल्प मिलता है और इनके साथ-साथ इंश्योरेंस के लाभ भी मिलते हैं. निवेश निधि के माध्यम से, पॉलिसीधारक इक्विटी, ऋण या अपनी इच्छानुसार दोनों में निवेश कर सकते हैं.

अलग-अलग निवेशकों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए सभी यूलिप निधियों के अलग-अलग निवेश पोर्टफ़ोलियो होते हैं. उदाहरण के लिए, जिस व्यक्ति को उच्च रिटर्न चाहिए और उच्च-जोखिम सहनशीलता है वह इक्विटी में उच्चतर % एक्सपोज़र के साथ निवेश कर सकता है, जबकि जोखिम लेना नहीं चाहने वाला पॉलिसीधारक ऋण के उच्चतर अनुपात वाला निधि चुन सकता है.

मार्केट-लिंक्ड रिटर्न और फ़्लेक्सिबिलिटी ने यूलिप प्लान को पसंदीदा निवेश विकल्पों में से एक बना दिया है. यूलिप निवेशक, मार्केट की स्थिति के अनुसार या अपने वित्तीय लक्ष्यों में बदलाव के अनुसार निधि में बदलाव कर सकते हैं. इंश्योरेंस कंपनियां एक साल में कुछ मुफ़्त निधि बदलाव भी ऑफ़र करती हैं, जो यूलिप प्लान की दक्षता को बेहतर बनाता है. बैलिक जैसी कुछ कंपनियां अपने आधुनिक यूलिप प्लान में असीमित मुफ़्त बदलाव ऑफ़र करती हैं. यूलिप में निवेश का एक और पहलू है उसके द्वारा ऑफ़र की जाने वाली पारदर्शिता. यूलिप शुल्क पारदर्शी रूप से निवेशकों को दिखाए जाते हैं. यूलिप खरीदने से पहले आवंटन शुल्क और निधि प्रबंधन शुल्क जैसे करारोपणों पर ध्यान दिया जा सकता है. पहले से ही सभी शुल्कों का स्पष्ट अंदाज़ा होने से यूलिप के साथ वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करना अधिक आसान हो जाता है

यूलिप निवेश, मार्केट के जोखिमों के अधीन होते हैं और निवेशकों को अपने पोर्टफ़ोलियों का जोखिम उठाना होता है. यूलिप में निवेश करते समय, अपने जोखिम की सीमा पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है.

यूलिप कैसे काम करता है?

यूलिप कैसे काम करता है?

यूलिप प्लान ने इंश्योरेंस के लाभों को मार्केट से जुड़ रिटर्न के साथ संयोजित कर दिया है. जबकि दूसरे प्रकार के इंश्योरेंस प्लान सेविंग लाभ भी देते हैं, लेकिन उत्पाद की प्रकृति के कारण आमतौर पर रिटर्न मॉडरेट होते हैं. कैपिटल मार्केट में निवेश करके, यूलिप प्लान लंबे समय में दूसरे इंश्योरेंस प्लान की तुलना में आमतौर पर ज़्यादा रिटर्न दे सकता है बशर्ते आपने लंबी अवधि में अनुशासित तरीके से निवेश किया है.

जब आप कोई यूलिप पॉलिसी खरीदते हैं, तो इंश्योरेंस देने वाली कंपनी/बीमाकर्ता मृत्यु लाभ के बारे में बताती/बताता है. मृत्यु लाभ पर राशि होती है जो बीमाकृत व्यक्ति की मृत्यु पर नॉमिनी को मिलती है. अगर बीमाकृत व्यक्ति पॉलिसी खत्म होने तक जीवित रहता है, तो वह परिपक्वता लाभ पाने के योग्य है. यूलिप पॉलिसी के परिपक्वता लाभ वह राशि होती है जो पॉलिसीधारक के पैसे को निर्दिष्ट निवेश निधियों में निवेश करके एकत्र की गई है. ये निधियां कई सारे पॉलिसीधारकों से पैसे एकत्र करके इक्विटी निधि, ऋण निधि या इनके संयोजन में निवेश करती हैं.

म्युचुअल फ़ंड की ही तरह, यूलिप निवेश फ़ंड भी शोध टीम की मदद के साथ पेशेवर निधि प्रबंधक द्वारा प्रबंधित किए जाते हैं. यूलिप फ़ंड की क्रियाविधि म्युचुअल फ़ंड के समान है. पॉलिसीधारक द्वारा फ़ंड चुनने के बाद, उन्हें उनके निवेश के अनुसार यूनिट आवंटित किए जाते हैं. निवल परिसंपत्ति मूल्य, फ़ंड के यूनिट के आधार पर निकाला जाता है. इंश्योरेंस कंपनी द्वारा दैनिक रूप से यूलिप एनएवी का मूल्यांकन और उसकी घोषणा की जाती है. चूंकि यूलिप प्लान एक इंश्योरेंस उत्पाद है, इसलिए मृत्यु पर बीमित राशि मिलने की गारंटी होती है फिर चाहे वह किसी भी निवेश कंपनी से हो, यह उत्पाद के नियम और शर्तों के अधीन होती है.

यूलिप की विशेषताएं

यूलिप दूसरे लाइफ़ इंश्योरेंस साथ ही निवेश उत्पादों से अलग है. यूलिप प्लान को बाकियों से अलग करने वाली कुछ सुविधाएं ये हैं :

एक ही प्लान में निवेश और इंश्योरेंस

एक ही प्लान में निवेश और इंश्योरेंस

यूलिप द्वारा मार्केट से जुड़े रिटर्न की पेशकश ने इसे लोकप्रिय निवेश विकल्पों में से एक बना दिया है.

यूलिप यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि मार्केट से जुड़े विभिन्न फ़ंड के ज़रिए निवेशक सर्वोत्तम धन कमा सकें. मार्केट से जुड़े रिटर्न के साथ, यूलिप प्लान यह भी सुनिश्चित करते हैं कि आपकी अनुपस्थिति में आपके परिवार को परेशानी न हो. किसी भी अन्य लाइफ़ इंश्योरेंस प्लान की तरह, यूलिप प्लान के तहत मृत्यु पर बीमित राशि के मिलने की गारंटी होती है.

कई सारे यूलिप फ़ंड के बीच स्विच करने का विकल्प

कई सारे यूलिप फ़ंड के बीच स्विच करने का विकल्प

मार्केट के उतार-चढ़ाव का अंदाज़ा लगाना कठिन होता है. यहां तक कि सालों का अनुभव रखने वाले विशेषज्ञ भी मार्केट की स्थिति का अंदाज़ा लगाने में विफल रहते हैं. कैपिटल मार्केट में होते उतार-चढ़ाव से कुछ निवेशक भी घबरा जाते हैं, खासकर तब जब वह जीवन के किसी खास लक्ष्य के लिए बचत कर रहे हों.

यूलिप प्लान इक्विटी और ऋण या उन दोनों के संयोजन के एक्सपोज़र के अलग-अलग अनुपात के साथ निवेश फ़ंड की एक सारणी प्रदान करते हैं. कुछ यूलिप फ़ंड इंक्विटी इंस्ट्रुमेंट में ज़्यादा निवेश करते हैं, जबकि कुछ ऋण में ज़्यादा निवेश करते हैं.

निवेशकों के पास पॉलिसी अवधि के दौरान इन यूलिप निवेश फ़ंड के बीच स्विच करने का विकल्प होता है. यह पॉलिसी अवधि में यूलिप रिटर्न को अनुकूलित करने में मदद करता है. समय के साथ निवेशक की जोखिम की सीमा बदलती रहती है. उदाहरण के लिए, पॉलिसीधारक पॉलिसी की ज़्यादातर अवधि के लिए एक इक्विटी फ़ंड में निवेश करते रह सकता है लेकिन अवधि के अंत में ऋण फ़ंड को चुन सकता है. यह पूरी तरह से एक व्यक्ति के वित्तीय लक्ष्य पर आधारित होता है, दूसरे कारक भी इसका हिस्सा होते हैं.

प्रीमियम रीडायरेक्शन

प्रीमियम रीडायरेक्शन

फ़ंड के बीच स्विच करने के विकल्प के साथ-साथ, प्रीमिय रीडायरेक्शन सुविधा के ज़रिए भी यूलिप रिटर्न बेहतर किए जा सकेत हैं. निवेशक उपलब्ध भिन्न फ़ंड के बीच भावी प्रीमियम को आवंटित करना चुन सकते हैं.

हर फ़ंड में असाइन किए जाने वाले प्रीमियम का प्रतिशत भी निर्दिष्ट किया जा सकता है. प्रीमियम रीडायरेक्शन सुविधा से, पॉलिसीधारक इक्विटी और ऋण फ़ंड के बीच निवेश संतुलित करके जोखिम को रिटर्न के साथ संतुलित कर सकते हैं. फ़ंड स्विच करने के विकल्प के साथ प्रीमियम रीडायरेक्शन सुविधा, यूलिप को एक बहुत ही फ़्लेक्सिबल निवेश विकल्प बनाते हैं.

आंशिक धननिकासी

आंशिक धननिकासी

यूलिप लंबी अवधि तक चलाए जाने वाले उत्पाद हैं और अधिकतम लाभ पाने के लिए आपको कई सालों तक निवेश करना होगा. निवेश की न्यूनतम अवधि सुनिश्चित करने के लिए यूलिप की 5 साल की लॉक-इन अवधि होती है. हालांकि, कुछ यूलिप में तत्कालित स्थितियों को संभालने में निवेशकों की मदद करने के लिए पहले से मौजूद कार्याविधि होती है.

अनिवार्य लॉक-इन अवधि के बाद, निवेशकों को आंशिक रूप से पैसे निकालने की अनुमति होती है. कुछ यूलिप प्लान में आप बिना किसी शुल्क के एकत्र फ़ंड से असीमित पैसे निकाल सकते हैं. धननिकासी या तो कुछ सीमा तक निःशुल्क हो सकते हैं या संबंधित यूलिप पॉलिसी में बताए गए नियम और शर्तों के अनुसार शुल्क लिया जा सकता है

यूलिप निवेश प्लान के लाभ

यूलिप प्लान निवेश और लाइफ़ इंश्योरेंस घटक के साथ डायनैमिक उत्पाद होते हैं जो कई सारे लाभ देते हैं. बचत करने की आदत डालने से लेकर जीवन के लंबी अवधि वाले लक्ष्यों को पूरा करने के लिए धन एकत्र करने में मदद करने तक, यूलिप के असंख्य लाभ हैं.

1. बचत करने की आदत डालता है:

धन बनाने के लिए बचत करना पहला कदम होता है. आप केवल तब भी निवेश करके अपना धन बढ़ा सकते हैं जब आप पूरे लगन से बचत करते हैं. यूलिप नियमित प्रीमियम भुगतान के ज़रिए निवेशकों में अनुशासित बचत करने की आदत डालता है. यूलिप की नियमित प्रीमियम भुगतान अवधि में निवेशकों को उनके द्वारा चुनी गई यूलिप प्रीमियम भुगतान फ़्रीक्वेंसी के आधार पर पहले से तय राशि को अलग से हटाकर रखना होता है.

2. जीवन के लक्ष्यों को पाने में मदद करता है:

जीवन के लक्ष्यों को पाने के लिए दूर की सोचकर निवेश करना ज़रूरी है. सपनो का घर खरीदना, बच्चों की पढ़ाई के लिए या उनकी शादी करवाने के लिए बहुत पैसे चाहिए होते हैं और यह तभी प्राप्त किया जा सकता है जब आपने पहले से इसके बारे में प्लान किया हुआ हो. यूलिप का एक लाभ यह भी है कि यह अनुशासित बचत और व्यवस्थित निवेश को प्रोत्साहित करता है. 5 साल की अनिवार्य लॉक-इन अवधि आपका निवेश बरकरार रखती है और यह सुनिश्चित करती है कि आपके उपयोग के लिए एक धनराशि जमा है. अपने यूलिप प्लान का ज़्यादा से ज़्यादा लाभ पाने के लिए आपको उस लक्ष्य के आधार पर निवेश बरकरार रखने की अवधि के बारे में प्लान करना होता है जिसके लिए आप निवेश कर रहे हैं.

3. परिजनों की सुरक्षा:

भले ही यूलिप के लाभों में धन बनाना शामिल है, फिर भी आपको इसके द्वारा दी जाने वाली व्यापक सुरक्षा को नहीं भुलना चाहिए. यूलिप प्लान मृत्यु-लाभ राशि मिलने की गारंटी देता है जो कि पॉलिसीधारक की मृत्यु पर देय होती है. जहां यूलिप का निवेश घटक आपकी जीवन के लक्ष्य पाने में मदद करता है, वहीं यह भी सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि आपकी अनुपस्थिति में भी आपका परिवार इस पथ पर जारी रहे. सपनों का घर खरीदने या बच्चों की अच्छी पढ़ाई वाले सामूहिक जीवन लक्ष्यों पर किसी की अनुपस्थिति से असर नहीं पढ़ना चाहिए. मृत्यु लाभ राशि यह सुनिश्चित करती है कि आपके परिवार को अपने रहन-सहन के तरीके से समझौता नहीं करना पड़े या किसी दुर्भाग्य घटना के कारण जीवन के लक्ष्यों को बदलना नहीं पड़े.

4. धन बढ़ाने की क्षमता:

अपनी बचत को ऋण या इक्विटी फ़ंड में निवेश करने से, यूलिप प्लान के साथ उसके बढ़ना की क्षमता अपेक्षाकृत रूप से उच्च हो जाती है. लंबी अवधि में पावर ऑफ़ कंपाउंडिंग से धन बढ़ाने की क्षमता और भी अधिक बढ़ जाती है. उच्च रिटर्न के दोबारा निवेश किए जाने और प्रींसिपल राशि के साथ बढ़ने से, एकत्र धन-राशि और भी तेज़ी से बढ़ती है.

5. निवेश में फ़्लेक्सिबिलिटी:

अपने धन पर नियंत्रण रखना ज़रूरी है क्योंकि जीवन में आपात स्थितियां बिना चेतावनी दिए आ सकती हैं. कई सारी अद्वितीय सुविधाएं यूलिप प्लान को एक फ़्लेक्सिबल निवेश विकल्प बनाती हैं. यूलिप लाभ में फ़ंड स्विच करने का विकल्प, प्रीमियम रीडायरेक्शन, आंशिक धननिकासी और टॉप-अप सुविधा शामिल हैं. फ़ंड स्विच करने का विकल्प आपको अपनी वित्तीय ज़रूरतों और मार्केट की स्थितियों के अनुसार पॉलिसी की अवधि के दौरान आवंटन मिक्स को बदलने की अनुमति देता है. यूलिप के साथ, आप अपनी पसंद के अनुसार भावी प्रीमियम को निवेश फ़ंड में भेज कर सकते हैं. आंशिक धननिकासी सुविधा आपको ज़रूरत के समय में फ़ंड को एक्सेस करने में मदद करता है, यह लॉक-इन अवधि के अधीन होती है. फ़ंड स्विच और प्रीमियम रीडायरेक्शन के अलावा, यूलिप आपको अपने प्लान किए गए जीवन लक्ष्य तक पहुंचने के लिए फ़ंड को टॉप-अप करने की अनुमति देता है.

6. निवेश बरकरार करने के लिए पुरस्कार:

लंबे समय तक निवेश करते रहना समय के साथ धन बढ़ाने की एक सिद्ध रणनीति है. क्या हो अगर लंबे समय तक निवेश करना और भी लाभकारी हो जाए? कुछ यूलिप लंबे समय तक निवेश करने के लाभों को लॉयल्टी एडिशन्स और फ़ंड बूस्टर्स जैसी सुविधाओं से अधिकतम कर देते हैं. अगर आप लंबे समय तक निवेश बरकरार रखने हैं, तो यूलिप प्लान आपको पुरस्कार देता है. इसी तरह, कुछ नए यूलिप परिपक्वता पर मोर्टैलिटी शुल्क को लौटा देते हैं, जिससे पॉलिसी के नियम और शर्तों के अनुसार पॉलिसी से समग्र रूप से रिटर्न बढ़ जाता है.

7. कर लाभ:

यूलिप का एक लाभ यह है कि आप भुगतान किए गए प्रीमियम और परिपक्वता लाभों पर कर लाभ पा सकते हैं. यूलिप पॉलिसी के लिए भुगतान किया गया प्रीमियम, आय कर अधिनियम 1961 के सेक्शन 80C के तहत सामान्य रूप से करों से मुक्त होता है. कर योग्य आमदनी पर रु. 1, 50,000 तक प्रीमियम कटने योग्य होते हैं. आय कर अधिनियम 1961 के सेक्शन 10 (10D) के अनुसार यह कर मुक्त परिपक्वता राशि भी ऑफ़र करता है. ऊपर दिए गए कर संबंधी लाभ आय कर अधिनियम, 1961 के तहत बनाए गए प्रावधानों के अधीन होता है. इन प्रावधानों में समय-समय पर बदलाव भी किए जाते हैं.

किन्हें यूलिप खरीदना चाहिए?

यूलिप प्लान विभिन्न प्रकार के ग्राहकों की ज़रूरतों को पूरा करता है. यह समझने के लिए कि किन्हें यूलिप खरीदना चाहिए, आपको इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि आपको यूलिप में निवेश क्यों करना चाहिए? हर व्यक्ति का निवेश करने के अपने कारण होते हैं. यूलिप के लिए लक्षित ग्राहकों को चार श्रेणियों में बांटा जा सकता है.

  1. भिन्न जोखिम सीमाओं वाले लोग

    भिन्न जोखिम सीमाओं वाले लोग

    यूलिप प्लान द्वारा मुख्य रूप से ऑफ़र किए जाने वाले निवेश फ़ंड की व्यापक रेंज और यह किस तरह से लोगों की उनके जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करता है, इसके कारण इसके कई सारे ग्राहक हैं. ज़्यादातर यूलिप में इक्विटी और ऋण फ़ंड या इनके संयोजन वाले फ़ंड होते हैं. कुछ यूलिप इक्विटी फ़ंड में ज़्यादा निवेश करते हैं जबकि कुछ ऋण फ़ंड में ज़्यादा निवेश करते हैं. वे निवेशक जो अपेक्षाकृत रूप से उच्च रिटर्न चाहते हैं और जिन्हें ज़्यादा जोखिम लेने में कोई परेशानी नहीं है वे इक्विटी-उन्मुख फ़ंड में निवेश कर सकते हैं. वहीं दूसरी ओर, जो निवेशक जोखिम उठाना नहीं चाहते हैं वे ऋण फ़ंड चुन सकते हैं जो कि इक्विटी फ़ंड की तुलना में ज़्यादा स्थिरता ऑफ़र करता है. निवेशक अपनी जोखिम सीमाओं के अनुसार अपनी बचत को इक्विटी और ऋण फ़ंड में विभाजित भी कर सकते हैं. विभिन्न प्रकार के फ़ंड के साथ, यूलिप प्लान विभिन्न जोखिम सीमाओं वाले लोगों की ज़रूरतों को पूरा करते हैं. निवेश करने से पहले, आपको फ़ंड के ऐतिहासिक एनएवी पर एक नज़र डालना चाहिए, ताकि आपको एक अंदाज़ा मिल जाए कि भविष्य में आप क्या अपेक्षा कर सकते हैं और इसके हिसाब से निर्णय लें. आप कभी भी विषय-संबंधी विशेषज्ञ या लाइफ़ इंश्योरेंस परामर्शदाता से परामर्श ले सकते हैं और यूलिप के साथ अपने जीवन के लक्ष्यों को नियोजित कर सकते हैं.

  2.  लंबी अवधि तक निवेश बरकरार रखने वाले लोग

    लंबी अवधि तक निवेश बरकरार रखने वाले लोग

    मार्केट में विभिन्न निवेश प्लान उपलब्ध हैं. कुछ छोटी अवधि के निवेशकों के लिए हैं जबकि कुछ लंबी अवधि के निवेशकों के लिए हैं. यूलिप लंबी अवधि तक निवेश रखने वाले लोगों को बेहतरीन रिटर्न देने के लिए बनाए गए हैं. यूलिप प्लान पॉलिसीधारकों द्वारा निवेश करने के लिए विभिन्न इक्विटी और ऋण फ़ंड ऑफ़र करता है. इक्विटी और ऋण फ़ंड लंबी अवधि में रिटर्न देने के लिए जाने जाते हैं. मार्केट के उतार-चढ़ाव छोटी अवधि में निवेश के मूल्य को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन लंबी अवधि में, इक्विटी और ऋण फ़ंड पावर ऑफ़ कंपाउंडिंग के कारण निवेश पर वांछित रिटर्न दे सकते हैं. इसके अलावा, यूलिप प्लान का 5 साल की अनिवार्य लॉक-इन अवधि होती है. अगर लक्ष्य जीवन के लंबी अवधि वाले लक्ष्यों के लिए फ़ंड इकट्ठा करना है जैसे कि सपनों का घर खरीदना या बच्चों की शादी के लिए बचत करना, तो आप यूलिप को पसंदीदा विकल्पों में से एक मान सकते हैं क्योंकि लंबी अवधि वाले लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करता है.

  3. क्रियाशील निवेशक

    क्रियाशील निवेशक

    कई लोग अपने निवेश में सक्रिय भूमिका निभाना पसंद करते हैं. निवेश को स्वयं प्रबंधित करने के लिए, आपको पारदर्शी डेटा की ज़रूरत और आवंटन को संशोधित करने के विकल्प की ज़रूरत होती है. सभी यूलिप प्लान के एनएवी इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे पॉलिसीधारकों के लिए अपने पसंद की पॉलिसी का आंकलन करना और उसमें निवेश करना अधिक आसान हो जाता है. यूलिप फ़ंड का एनएवी नियमित रूप से अपडेट किया जाता है. क्रियाशील निवेशक अपनी जानकारी और विशेषज्ञता के अनुसार अपने आवंटन को संशोधित करने और अपने निवेश को स्वयं प्रबंधित करने के लिए फ़ंड स्विचिंग या प्रीमियम रीडायरेक्शन जैसी सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं. पारदर्शी डेटा, आवंटन संशोधित करने के विकल्प के साथ मिलकर यूलिप प्लान को क्रियाशील निवेशकों के लिए उपयुक्त बनाता है. यूलिप दिखाता है कि किसी खास स्टॉक में फ़ंड का कितना प्रतिशत निवेश किया गया है और यह आपको बेंचमार्क रिटर्न की तुलना में उस फ़ंड का ऐतिहासिक प्रदर्शन भी दिखाता है.

  4. जीवन के अलग-अलग पढ़ाव वाले निवेशक

    जीवन के अलग-अलग पढ़ाव वाले निवेशक

    जीवन के अलग-अलग पढ़ाव वाले लोगों की अलग-अलग ज़रूरतें होती हैं और यूलिप प्लान को उन सभी को पूरा करने के लिए बदलाव किया जा सकता है.
    इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि आपकी उम्र 20, 35 या 50 है. आपकी उम्र चाहे कुछ भी हो, आपके ऐसे जीवन के लक्ष्य और सपने ज़रूर होंगे जिन्हें आप पूरा करना चाहते हैं. हो सकता है कि आप अपना एमबीए पूरा करना चाहते हों या शायद आप अपने सपनों के घर का डाउन पेमेंट करना चाहते हों. चाहे जो भी कारण हो, अपने जीवन के लक्ष्यों को पूरा कर पाने के लिए आपको धन की ज़रूरत होगी. आप अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पैसे बचाने में मदद के लिए यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान या यूलिप जैसे निवेश उपकरण का उपयोग कर सकते हैं.

अपने लिए एक उपयुक्त यूलिप प्लान कैसे खरीदें

  • यूलिप निवेश फ़ंड को अपने जीवन के लक्ष्य के अनुसार चुनें

    यूलिप निवेश फ़ंड को अपने जीवन के लक्ष्य के अनुसार चुनें

    यूलिप लान के साथ, आपको कई सारे फ़ंड में से चुनने का विकल्प मिलता है. ये यूलिप फ़ंड इक्विटी, ऋण या इनके संयोजन में निवेश करते हैं. अपने लिए एक उपयुक्त यूलिप प्लान खरीदने के लिए फ़ंड, यह ज़रूरी है कि आप निवेश फ़ंड को अपने जीवन के लक्ष्यों के अनुसार चुनें. इक्विटी फ़ंड उच्च रिटर्न देते हैं लेकिन उनमें जोखिम भी उच्च होता है जबकि ऋण फ़ंड कम जोखिम के साथ ठीक-ठाक रिटर्न देते हैं. अगर जीवन के लक्ष्य में बहुत साल बाकी है जैसे कि बच्चों की उच्च शिक्षा, तो आपको अपने फ़ंड का एक हिस्सा इक्विटी-उन्मुख फ़ंड में आवंटित करना चाहिए. वहीं दूसरी ओर, अगर उस समय एकत्र धन के मूल्य को बचाना ज़रूरी है, जैसे कि सेवानिवृती के मामले में, आपको ऋण फ़ंड चुनना चाहिए. फ़ंड चुनना पूरी तरह से आपके उद्देश्य पर निर्भर करता है. आप किसी विषय-संबंधी विशेषज्ञ या लाइफ़ इंश्योरेंस परामर्शदाता से भी आपके जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में आपकी मदद करने वाले फ़ंड पर निर्णय लेने के संबंध में उनकी राय ले सकते हैं.

  • पर्याप्त लाइफ़ इंश्योरेंस कवर चुनें

    पर्याप्त लाइफ़ इंश्योरेंस कवर चुनें

    यूलिप खरीदते समय, अक्सर प्लान के निवेश घटक पर ध्यान दिया जाता है. उपयुक्त यूलिप प्लान खरीदने के लिए, इंश्योरेंस कवर के दायरे पर ध्यान देना ज़रूरी है. यूलिप का निवेश घटक आपकी अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेगा, लेकिन इंश्योरेंस कवर यह सुनिश्चित करेगा कि जीवन का लक्ष्य आपकी अनुपस्थिति में भी प्राप्त किया जाए. लाइफ़ इंश्योरेंस कवर/ बीमित राशि घटक को अपने परिवार के रहन-सहन के आधार पर अपने जीवर के पढ़ाव के अनुसार चुनें.

  • लंबी अवधि चुनें

    लंबी अवधि चुनें

    यूलिप पॉलिसी की 5 साल की लॉक-इन अवधि होती है. इसे लोगों को पॉलिसी में निवेश करते रहने और बेहतरीन लाभ पाने के लिए बनाया गया है. कई लोग यूलिप प्लान को अपेक्षाकृत रूप से कम अवधि के लिए चुनते हैं. यूलिप प्लान को लंबी अवधि में धन बनाने के लिए बनाया गया है. लंबी अवधि वाली यूलिप पॉलिसी चुनें क्योंकि आपको पावर ऑफ़ कंपाउंडिंग का फायदा तभी उठा पाएंगे/पाएंगी जब आप लंबी अवधि के लिए इसमें निवेश बरकरार रखेंगे/रखेंगी.

  • शुल्क और करारोपणों को ध्यान में रखें

    शुल्क और करारोपणों को ध्यान में रखें

    इंश्योरेंस कंपनियां यूलिप प्लान पर कई सारे शुल्क लगाती हैं. कुछ सामान्य यूलिप शुल्क हैं फ़ंड प्रबंधन शुल्क, प्रीमियम आवंटन शुल्क, मॉर्टैलिटी शुल्क, व्यवस्थापन और सेवा शुल्क. निवेश करने से पहले सभी शुल्कों को ठीक से समझना ज़रूरी है. यूलिप प्लान पर लगाए गए शुल्कों का पॉलिसी के अंतिम रिटर्न पर असर पड़ता है. इसलिए, कम शुल्कों वाले यूलिप निवेश प्लान में निवेश करना महत्वपूर्ण है.

मुझे अभी यूलिप में निवेश क्यों करना चाहिए?

हालांकि आप अपने जीवन के किसी भी पढ़ाव में यूलिप में निवेश कर सकते हैं, फिर भी बेहतर रहेगा आप जितनी जल्दी हो सके उसमें निवेश करें. अभी निवेश करने से लंबी अवधि में यूलिप के रिटर्न पर असर पड़ेगा.

1

पावर ऑफ़ कंपाउंडिंग

यूलिप प्लान के साथ, हो सकता है कि आप पावर ऑफ़ कंपाउंडिंग की मदद से लंबी अवधि में अच्छी धनराशि एकत्र कर पाएं. जब शुरुआती निवेश पर जनरेट हुए रिटर्न को दोबारा निवेश किया जाता है और समय के साथ अतिरिक्त आय जनरेट होती है, तो उसे कंपाउंडिंग कहा जाता है. आप जितने लंबे समय तक निवेश बरकरार रखेंगे कंपाउंडिंग पर उतना ही अच्छा असर होगा. अपने जीवन के शुरुआती पढ़ाव में निवेश करके, आप यह सुनिश्चि कर सकते हैं कि आपके पैसे को बढ़ने के लिए पर्याप्त समय मिले. लंबी-अवधि वाली निती के साथ मिलकर 5 साल की अनिवार्य लॉक-इन अवधि लंबी अवधि में यूलिप कंपाउंड निवेशकों की मदद करती है.

2

उच्च धनराशि

कम उम्र में निवेश करना बड़ी धनराशि एकत्र करने की कुंजी है क्योंकि आपको निवेश बरकरार रखने का ज़्यादा समय मिलता है और जोखिम लेने की आपकी क्षमता भी उच्च होती है. जब आप ज़्यादा उम्र में निवेश करते हैं, तो आप यूलिप प्लान को पैसे एकत्र करने के लिए कम समय देते हैं. कम उम्र में निवेश करने से यूलिप प्लान के ज़रिए आपको ज़्यादा पैसों की बचन करने में मदद मिल सकती है और साथ ही अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक धनराशि बनाने के लिए मार्केट से जुड़े रिटर्न पर अधिकतम लाभ मिल सकता है. ज़्यादा बचत और पैसे जोड़ने के लिए ज़्यादा समय से आपको उच्च धनराशि मिलेगी. कंपाउंडिंग शुरुआती निवेश पर पहले से कमाए गए रिटर्न पर रिटर्न कमाने की प्रक्रिया है, इसलिए आप अपनी यूलिप पॉलिसी में लंबी अवधि तक निवेश बरकरार रखने के बाद कंपाउंडिंग के जादू का अनुभव कर सकते हैं.

3

उच्च जोखिम लेने की क्षमता

युवा होने के लाभों में से एक लाभ के कम ज़िम्मेदारियां होना. जब कम ज़िम्मेदारियां होती है, तब आप अपनी आय के बड़े हिस्से की बचत कर सकते/सकती हैं और निवेश से जुड़े साहसिक निर्णय ले सकते/सकती हैं. ज़्यादा उम्र के लोगों की तुलना में युवाओं में जोखिम लेने की क्षमता ज़्यादा होती है. उच्च जोखिम लेने की क्षमता रखने वाला व्यक्ति इक्विटी-उन्मुख यूलिप फ़ंड में अपने बचत का बड़ा हिस्सा निवेश कर सकता है. इक्विटी फ़ंड में निवेश करने से उच्च रिटर्न मिल सकते हैं लेकिन इससे आपको मार्केट की अस्थिरता का सामना भी करना पड़ेगा. मार्केट के उतार-चढ़ाव को सहना आसान होता है जब आपकी ज़्यादा ज़िम्मेदारियां नहीं होती हैं क्योंकि ऐसा पाया गया है कि लंबी अवधि में इक्विटी मार्केट हमेशा सकारात्मक रिटर्न देते हैं. इसके अलावा, यूलिप फ़ंड स्विचिंग विकल्प से आप इक्विटी में कम जोखिम ले और मार्केट के अस्थिर होने पर ऋण फ़ंड जैसे ज़्यादा स्थिर फ़ंड में स्विच कर सकते हैं.

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व्यवस्थित बचत

यूलिप कम उम्र में व्यवस्थित बचत करने की आदत डलवा देता है. जब आप कम उम्न में व्यवस्थित रूप से बचत करना शुरू करते हैं, तो जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए भविष्य में बड़ी राशि डालने की ज़रूरत नहीं होगी. कम उम्र में रोज़गार के उपलब्ध अवसरों के साथ, अपने करियर की शुरुआत में अपने जीवन के लक्ष्यों के लिए व्यवस्थित रूप से योगदान करना आसान होता है. कम उम्र में शुरुआत करने का एक लाभ यह भी है कि आपके पास निवेश के लिए बहुत समय होता है. कम उम्र में निवेश करने से आपको आराम से अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलती है.

यूलिप पॉलिसी में निवेश करने के मिथक और सच्चाइयां

यूलिप अद्वितीय उत्पाद होते हैं जो निवेश और सुरक्षा दोनों का एक साथ लाभ देते हैं. हालांकि, इस अद्वितीयता ने कई मिथकों और गलत धारणाओं को जन्म दिया है.

  • मिथक 1- यूलिप प्लान महंगे होते हैं

    मिथक 1- यूलिप प्लान महंगे होते हैं

    सच्चाई - सालों से चली आ रही प्रचलित धारण के अनुसार, यूलिप महंगे होते हैं. लेकिन क्या ये धारण वस्तुगत तथ्य पर आधारित है या यह एक गलत धारण है? प्रीमियम आवंटन शुल्क और फ़ंड प्रबंधन शुल्क जैसे विभिन्न यूलिप शुल्क होते हैं. ये शुल्क काफ़ी हद तक यूलिप रिटर्न को प्रभावित किया करते थे. हालांकि एक दशक पहले भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा पेश किए गए कुछ ग्राहक-अनुकूल नियमों ने कई सकारात्मक बदलाव लाए. बीमा नियामक द्वारा लाए गए बदलावों ने यूलिप को बेहतर बनाया और निवेश लागत को कम कर दिया.

  • मिथक 2 - यूलिप जोखिमपूर्ण होते हैं

    मिथक 2 - यूलिप जोखिमपूर्ण होते हैं

    सच्चाई - यूलिप से जुड़ा एक प्रचलित मिथक यह है कि वे जोखिमपूर्ण निवेश विकल्प होते हैं. मिथक की जड़ यह गलत धारणा है कि यूलिप केवल इक्विटी में निवेश करते हैं. कई लोग यह सोचकर यूलिप में निवेश करने से हिचकिचाते हैं कि उनके पैसों को इक्विटी मार्केट में निवेश किया जाएगा, जिसे अस्थिर और जोखिम से भरा माना जाता है. सच्चाई इन सबसे बिल्कुल अलग है. इक्विटी के साथ-साथ, यूलिप ऋण या इक्विटी और ऋण फ़ंड के संयोजन में निवेश का विकल्प देता है. उच्च जोखिम सीमा वाले निवेशक इक्विटी फ़ंड में निवेश कर सकते हैं, जबकि जो निवेशक कम जोखिम चाहते हैं वे ऋण फ़ंड में निवेश करना चुन सकते हैं. आप अपने फ़ंड को इक्विटी और ऋण फ़ंड में विभाजित भी कर सकते हैं. यूलिप पॉलिसी के साथ, आप बदलती वित्तीय ज़रूरतों के अनुसार या अपनी ज़रूरतों के अनुसार मार्केट की स्थिति को देखकर फ़ंड के बीच स्विच भी कर सकते हैं.

  • मिथक 3 - मार्केट की अस्थिरता जीवन बीमा को प्रभावित करती है

    मिथक 3 - मार्केट की अस्थिरता जीवन बीमा को प्रभावित करती है

    सच्चाई - एक यूलिप पॉलिसी आपको अपनी बचत इक्विटी और ऋण फ़ंड या इनके संयोजन में निवेश करने देती है और ऐसा करते हुए आप लाइफ़ इंश्योरेंस के लाभों का भी आनंद ले सकते हैं. यूलिप पॉलिसी के रिटर्न मुख्य फ़ंड के प्रदर्शन पर निर्भर करते हैं. कई लोग यह मानते हैं कि फ़ंड का प्रदर्शन यूलिप पॉलिसी के तहत बीमित राशि को प्रभावित करेगा. यूलिप पॉलिसी के तहत मृत्यु पर मिलने गारंटी से मिलने वाली राशि पर मार्केट की अस्थिरता का कोई असर नहीं होता है.

यूलिप पॉलिसी खरीदने के लिए योग्यता मापदंड और दस्तावेज़

बजाज एलियांज़ लाइफ़ यूलिप खरीदना बहुत ही सुविधाजनक और सरल है. यूलिप खरीदने की न्यूनतम उम्न 18 साल है. यूलिप पॉलिसी में नवजात शिशु को भी कवर किया जा सकता है. यूलिप प्लान खरीदने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ों में शामिल है पहचान का प्रमाण, आयु का प्रमाण. पता का प्रमाण और हाल की फ़ोटो. योग्यता मापदंड में चुने गए यूलिप प्लान के हिसाब से अंतर हो सकता है इसलिए हमेशा सलाह दी जाती है कि तथ्यों को समझने के लिए उत्पाद के नियम और शर्तों को अच्छे से पढ़ें.

यूलिप के प्रकार

यूलिप प्रान का प्राथमिक उद्देश्य है जीवन बीमा की सुरक्षा का आनंद लेते हुए फ़ंड एकत्र करने में आपकी मदद करना. हालांकि, कोई यूलिप चुनने से पहले अपने वित्तीय उद्देश्यों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है. आपकी ज़रूरतों के अनुसार, आप यूलिप के भिन्न प्रकार में से चुन सकते हैं. मोटे तौर पर, यूलिप प्लान को दो श्रेणी में बांटा जा सकता है—लक्ष्य-उन्मुख यूलिप और रिटायरमेंट-उन्मुख यूलिप.

लक्ष्य-उन्मुख यूलिप

मनुष्यों के लिए इच्छाएं होना प्राकृतिक है. कमाई करना शुरू करने पर सपनों का घर लेने या कार खरीदने जैसी आम इच्छाएं जीवन का लक्ष्य बन जाती हैं. जीवन के लक्ष्य केवल अनुशासित तरीके से निवेश करने से प्राप्त किए जा सकते हैं. अपने जीवन के लक्ष्यों को पाने के लिए पथ पर बने रहने में लोगों की मदद करने के लिए अलग-अलग प्रकार के यूलिप प्लान बनाए गए हैं. जीवन लक्ष्य-उन्मुख यूलिप प्लान में लोगों के अलग अलग जीवन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अलग-अलग निवेश रणनीतियां होती हैं. उनमें से कुछ लाभ ये हैं:

  • कई यूलिप प्लान पॉलिसी अवधि के अंत में मॉर्टैलिटी शुल्क लौटाते हैं. निवेशकों को परिपक्वता पर संपूर्ण पॉलिसी अवधि में जीवन बीमा के लिए भुगतान किए गए शुल्क वापस मिल जाते हैं
  • अगर आपके जीवन लक्ष्यों के लिए स्टैगर्ड पेमेंट की ज़रूरत है, तो वह यूलिप प्लान चुनें जो आपको परिपक्वत राशि का किश्तों में भुगतान की सुविधा देता है. कुछ यूलिप लंबी समयावधि में किश्तों में एकत्र धनराशि का भुगतान करते हैं. यह पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अधीन किया जाता है.
  • जीवन के लक्ष्य बदल सकते हैं. यूलिप पॉलिसी निवेशकों की बदलती ज़रूरतों को ध्यान में रखती हैं और पॉलिसी की अवधि के दौरान प्रीमियम भुगतान की अवधि और साथ ही बीमित राशि में बदलाव करने देती हैं.
  • यूलिप लंबी अवधि वाले निवेश उत्पाद हैं. आप लंबी अवधि तक निवेश को बरकरार रखकर यूलिप प्लान से अधिकतम लाभ पा सकते हैं. लंबी अवधि वाले निवशकों के मूल्य को बढ़ाने के लिए, कई यूलिप निर्दिष्ट सालों तक निवेश बरकरार रखने पर लॉयल्टी एडिशन्स ऑफ़र करते हैं. लॉयल्टी एडिशन्स पॉलिसीधारक के रिटर्न को बेहतर बनाने में मदद करते हैं.
  • लॉयल्टी एडिशन्स के समान ही, कुछ यूलिप फ़ंड बूस्टर की सुविधा देते हैं. अगल यूलिप पॉलिसी दस साल से ज़्यादा की है, तो नियमित प्रीमियम में फ़ंड बूस्टर जोड़े जाते हैं. इससे ज़्यादा रिटर्न मिलता है.

रिटायरमेंट-उन्मुख यूलिप

ज़्यादातर लोग अपने जीवन के मुख्य साल काम करने और अपने परिवार की देखरेख में बीता देते हैं. रिटायरमेंट वह पढ़ाव होता है जब वे अपने जीवन के लक्ष्यों को पूरा होता देखना चाहते हैं जैसे कि घूमना या दूसरे शौक पूरे करना. हालांकि अन्य प्रकार के यूलिप हैं, लेकिन रिटायरमेंट-केंद्रित यूलिप आपकी रिटायरमेंट के बाद जीवन के कुछ लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करता है. रिटायरमेंट-केंद्रित यूलिप की कुछ प्रमुख सुविधाएं ये हैं:

  • यह आपकी सभी रिटायरमेंट लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करने के लिए स्थिर आय देता है.
  • रिटायरमेंट यूलिप पॉलिसीधारक के संपूर्ण जीवन की कवरेज सुनिश्चित करता है. लाइफ़ इंश्योरेंस 99 या 100 साल की उम्र तक सक्रीय रहता है. यूलिप के साथ संपूर्ण जीवन बीमा वैकल्पिक है और न कि सभी रिटायरमेंट-केंद्रित यूलिप की सर्वव्यापी सुविधा है.
  • संपूर्ण जीवन के इंश्योरेंस कवर के साथ, ऐसे यूलिप प्लान 99 साल की उम्र तक आय भी ऑफ़र कर सकता है, यह पॉलिसी के नियमों और शर्तों पर निर्भर करता है.
  • यह लाइफ़ कवरेज शुल्क लौटाने और लॉयल्टी एडिशन्स जैसी सुविधाएं भी ऑफ़र कर सकता है.
  • रिटायरमेंट-केंद्रित यूलिप विभिन्न निवेश रणनीतियां ऑफ़र करते हैं जो निवशकों की उनकी जोखिम प्रोफ़ाइल और जीवन के पढ़ाव के अनुसार आवंटन में बदलाव करने में मदद कर सकती हैं.
  • रिटायरमेंट-केंद्रित यूलिप प्लान में निवेश करने के लिए, आपकी उम्र 18 साल होनी चाहिए. हालांकि, निवेश के लिए अधिकतम उम्र 65 से 85 साल के बीच है.

यूलिप पॉलिसी में निवेश करने के आय कर संबंधी लाभ

यूलिप प्लान कई सारे लाभ देते हैं. पॉलिसीधारक यूलिप के मार्केट से जुड़े रिटर्न के साथ-साथ लाइफ़ इंश्योरेंस के लाभ पा सकते हैं. इसके अलावा, कई सारे यूलिप कर लाभ हैं. यूलिप प्लान में निवेश करने से आपको अपनी वार्षिक आय कर देयता कम करने में मदद मिलती है.

1. कर कटौती:

यूलिप प्लान के लिए भुगतान किए जाने वाले प्रीमियम आयकर अधिनियम, 1961 के सेक्शन 80C के तहत वार्षिक रूप से 1.5 लाख रुपये तक कर कटौती के लिए योग्य हैं. यह वहां बताए गए प्रावधानों के अधीन है.

2. कोई लंबी अवधि वाला पूंजीगत लाभ कर नहीं:

यूनियन बजट 2018 के बाद, कई वित्तीय उत्पाद पूंजीगत लाभ कर के तहत लाए गए. यूलिप एकमात्र ऐसे वित्तीय उत्पाद हैं जो मार्केट से जुड़े रिटर्न ऑफ़र करते हैं जिनपर रिटर्न पर लंबी अवधि वाला पूंजीगत लाभ कर नहीं लगता है.

3. कर छूट:

यूलिप प्लान के ज़रिए मिले परिपक्वता लाभ या मृत्यू पर राशि, आयकर कानून के सेक्शन 10 (10D) के तहत कर मुक्त होते हैं. इसके लिए कुछ शर्तों को पूरा करना होता है. यहां भी शर्तें सेक्शन 80C के तहत कर कटौतियों का लाभ उठाने के लिए ज़रूरी शर्तों के समान होती हैं. 1 अप्रैल, 2012 के बाद खरीदे गए यूलिप प्लान के लिए, वार्षिक प्रीमियम पूरी अवधि के लिए बीमित राशि के 10 प्रतिशत के बराबर या उससे कम होनी चाहिए. 1 अप्रैल, 2012 से पहले खरीदे गए यूलिप प्लान के लिए, वार्षिक प्रीमियम पूरी अवधि के लिए बीमित राशि के 20 प्रतिशत के बराबर या उससे कम होनी चाहिए. पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसी धारक के मृत्यू के कारण पेआउट की स्थिति होने पर, मृत्यू पर मिलने वाली राशि भी कर-मुक्त होती है.

4. फ़ंड के बीच कर-अनुकूल स्विचिंग:

यूलिप प्लान आपको विविध फ़ंड में निवेश करने का विकल्प देते हैं. निवेशक कर देयताओं के बारे में चिंता किए बिना इक्विटी और ऋण फ़ंड के बीच भी स्विच कर सकते हैं.

इसका कारण कि यूलिप क्यों लंबी अवधि में बचत करने में आपकी मदद कर सकते हैं

जिस रफ़्तार से हमारे आस-पास की दुनिया बदल रही है, ऐसे में इस तरह के उत्पादों में निवेश करना महत्वपूर्ण है जो आपके वित्तीय लक्ष्यों के साथ संरेखित हों. लंबी अवधि में बचत करने के लिए कई सुविधाएं यूलिप को एक कुशल माध्यम बनाती हैं.

  1. लॉक-इन अवधि:

    यूलिप प्लान की 5 साल की अनिवार्य लॉक-इन अवधि होती है. यहां तक कि लॉक-इन अवधि समाप्त होने के बाद ही आंशिक धननिकासी की अनुमति होती है. लॉक-इन अवधि निवेशकों के बीच व्यवस्थित बचत की आदत को बढ़ाती है. मार्केट से जुड़े रिटर्न के साथ मिलकर लॉक-इन अवधि पॉलिसीधारकों को अपनी भविष्य की वित्तीय जरूरतों के लिए बचत करने में मदद करते हुए लंबी अवधि तक निवेश बरकरार रखने के लिए प्रोत्साहित करती है.

  2. मार्केट से जुड़े रिटर्न ऑफ़र करते हैं:

    लंबी अवधि के लिए बनाया गया कोई भी वित्तीय उत्पाद कई सालों तक धीरे-धीरे धन एकत्र करने में मदद करता है. ऐसे उत्पादों की धन बनाने की दर सामान्य रूप से कम अवधि वाले निवेश विकल्पों से उच्च होती है. इक्विटी मार्केट के एक्सपोज़र के साथ, यूलिप प्लान लंबी अवधि में धन बनाने के लिए बनाए गए हैं. इसके अलावा, लंबी अवधि तक निवेश बरकरार रखने से पावर ऑफ़ कंपाउंडिंग के कारण धन तेज़ दर से बढ़ता है.

  3. फ़ंड स्विच:

    फ़ंड के बीच स्विच करने के यूलिप द्वारा दिया गया विकल्प उन्हें लंबी अवधि में बचत करने के पसंदीदा विकल्पों में से एक बनता है. परिवार की वित्तीय ज़रूरतें समय के साथ बदलती रहती हैं और इसके लिए फ़ंड आवंटन में बदलाव करने की ज़रूरत होती है. यूलिप प्लान के फ़ंड स्विच करने के विकल्प से, आप अपने वित्तीय लक्ष्यों के साथ अपने पोर्टफ़ॉलियो को बेहतर संरेखित करने के लिए इक्विटी और ऋण फ़ंड के बीच स्विच कर सकते हैं.

  4. दोहरा लाभ:

    यूलिप प्लान निवेश के साथ इंश्योरेंस के दोहरा लाभ देते हैं. यूलिप में निवेश करके, आप न केवल अपने जीवन के लक्ष्यों के लिए बचत करते हैं बल्कि आकस्मिक परिस्थितियों से अपने परिवार की रक्षा भी करते हैं. एक ओ, आप धन बनाते हैं और दूसरी ओर अपने प्रियजनों के लिए वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं

यूलिप प्लान खरीदने के चरण – ऑनलाइन और ऑफ़लाइन

यूलिप एक लोकप्रिय निवेश विकल्प बन गए हैं. आप पारंपरिक तरीके से ऑफ़लाइन चैनल के माध्यम से और साथ ही ऑनलाइन यूलिप प्लान खरीद सकते हैं.

ऑनलाइन नवीनीकरण

  • 1
    ऑनलाइन यूलिप प्लान खरीदने के लिए, www.bajajallianzlife.com पर जाएं
  • 2
    वेबसाइट पर यूलिप सेक्शन पर जाएं और अपनी पसंद का यूलिप प्लान या यूलिप पॉलिसी चुनें.
  • 3
    खरीदने के लिए आगे बढ़ने के लिए अभी निवेश करें पर क्लिक करें.
  • 4
    नाम, मोबाइल नंबर, लिंग, जन्म की तारीख, पिन कोड आदि जैसे व्यक्तिगत जानकारी दें.
  • 5
    व्यक्तिगत जानकारी के बाद, आपको पीटी,पीपीटी, निवेश राशि, निवेश रणनीति और अपनी पसंद के आधार पर फ़ंड आवंटन जैसे निवेश विवरण देने होंगे
  • 6
    इसके बाद ज़रूरी चरणों का पालन करते हुए प्रक्रिया पूरी करें.

ऑफ़लाइन नवीनीकरण

  • 1
    ऑफ़लाइन यूलिप प्लान खरीदने के लिए, सबसे नज़दीकी ब्रांच में जाएं या किसी एजेंट से संपर्क करें
  • 2
    आपको प्रस्ताव पत्र भरना और पहला प्रीमियम देना होगा
  • 3
    ब्रांच में मौजूद कर्मी या एजेंट प्रक्रिया पूरी करने में आपकी मदद करेंगे.

बजाज आलियांज लाइफ़ का यूलिप कैलक्यूलेटर आपके जीवन के लक्ष्यों को प्लान करने में आपकी मदद कैसे करता है

यूलिप लाइफ़ इंश्योरेंस कवर देता है और साथ ही लंबी अवधि के लिए धन एकत्र करता है. यूलिप में निवेश करने के लिए अपनी ज़रूरतों के प्रति स्पष्ट समझ होनी चाहिए. पॉलिसी धारक की उम्र के अनुसार इंश्योरेंस कवरेज या बीमित राशि में अंतर होता है. इसी तरह, सभी की अलग-अलग निवेश संबंधी ज़रूरतें होती हैं. भुगतान किया जाने वाला प्रीमियम और वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक समय आपके जीवन के लक्ष्य और लाइफ़ इंश्योरेंस कवर पर निर्भर करता है.
बजाज आलियांज लाइफ़ का यूलिप प्लान कैलक्यूलेटर निम्न चार सरल चरणों में यह अंदाज़ा लगाने में आपकी मदद करता है कि आपको कितना भुगतान करना होगा –

चरण 1

चरण 1

यह आपसे जीवन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए आवश्यक राशि के बारे में पूछेगा

चरण 2

चरण 2

इसके बाद आप अपने निवेश की आपेक्षित अवधि बताएंगे.

चरण 3

चरण 3

फिर, जोखिम-रहित और मार्केट से जुड़े इंस्ट्रुमेंट के बीच विभाजित फ़ंड लिखेंगे.

चरण 4

चरण 4

इसके बाद यूलिप कैलक्यूलेटर आपसे जोखिम-रहित इंस्ट्रुमेंट और मार्केट से जुड़े इंस्ट्रुमेंट से आपेक्षित रिटर्न दर के बारे में पूछेगा, वह जिसकी आप अपेक्षाकृत रूप से उम्मीद करते हैं.

यूलिप चेकलिस्ट - यूलिप में निवेश करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें

यूलिप केवल इंश्योरेंस कवर नहीं देते, बल्कि ये जीवन के लक्ष्य पूरे करने के लिए एक निवेश इंस्ट्रुमेंट भी हैं. निवेश करने से पहले यूलिप के हर पहलू को अच्छी तरह से समझ लिया जाना चाहिए. यूलिप में निवेश करने से पहले इन कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए

निवेश करने से पहले अच्छी तरह से रिसर्च कर लें. निवेश करने से पहले यूलिप प्लान की संरचना और फ़ंक्शन का स्पष्ट अंदाज़ा रखने की सलाह दी जाती है.

इस फ़ैक्टर को कई निवेशक निवेश के दौरान अनदेखा कर देते हैं. यूलिप में निवेश करने से पहले, इंश्योरेंस देने वाली कंपनी/एंजेंट द्वारा लगाए जाने वाले विभिन्न शुल्कों के बारे में जान लें.

यूलिप प्लान में निवेश करने से पहले ध्यान रखने वाली सबसे ज़रूरी बात है वित्तीय लक्ष्य, यानी अपने जीवन के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आपको कितनी धनराशि की ज़रूरत होगी. आपका लक्ष्य उस यूलिप पॉलिसी को चुनना होना चाहिए जो आपके प्लान किए गए जीवन लक्ष्य को पूरा करने में आपकी मदद के लिए सबसे उपयुक्त हो.

यूलिप निवेश फ़ंड के पिछले प्रदर्शन का मूल्यांकन करें. उनके प्रदर्शन की तुलना निफ़्टी 50 और सेंसेक्स जैसे बेंचमार्क सूचकांकों से की जा सकती है.

यूलिप लॉक-इन अवधि

यूलिप को लंबी अवधि में धन बनाने के लिए बनाया गया है. यह सुनिश्चित करने के लिए कि पॉलिसी धारक निवेश करते रहें और यूलिप की लंबी-अवधि वाले ऑरिएंटेशन से लाभ प्राप्त करते रहें, बीमा नियामक प्राधिकरण ने 5 साल की लॉक-इन अवधि पेश की है. इस विशेष रूप से यह मतलब होता है कि पॉलिसी धारक निवेश करने के बाद 5 साल से पहले एकत्र धन को निकाल या उसे लिक्विडेट नहीं कर सकते हैं. अगर कोई पॉलिसी धारक लॉक-इन अवधि के अंदर अपनी पॉलिसी को बंद कर देता/देती है, तो इंश्योरेंस कंपनी बंद की गई पॉलिसी के लिए निर्धारित फ़ंड में एकत्र पैसों को ट्रांसफ़र कर देती है. पॉलिसी धारक, पॉलिसी बंद करने के बाद भी लॉक-इन अवधि के अंत में उस फ़ंड को एक्सेस कर पाएगा/पाएगी. लॉक-इन अवधि की समय-सीमा समाप्त होने के बाद ही आंशिक धननिकासी की अनुमति है.

यूलिप शुल्क

हर वित्तीय उत्पाद के साथ निश्चित शुल्क जुड़ा होता है और यूलिप प्लान इससे अलग नहीं है. यूलिप के कुछ प्रमुख शुल्क निम्नानुसार हैं:

  • प्रीमियम आवंटन शुल्क:

    1. प्रीमियम आवंटन शुल्क:

    पॉलिसी जारी करने के शुरुआती खर्चों को कवर करने के लिए बीमाकर्ता द्वारा प्रीमियम आवंटन शुल्क लगाया जाता है.

  • पॉलिसी प्रशासनिक शुल्क:

    2. पॉलिसी प्रशासनिक शुल्क:

    पॉलिसी के रख-रखाव के खर्चों की भरपाई के लिए इंश्योरेंस कंपनी पॉलिसी प्रशासनिक शुल्क लगाती है.

  • समर्पण शुल्क:

    3. समर्पण शुल्क:

    यदि पॉलिसीधारक परिपक्वता तारीख से पहले जमा राशि का भुगतान करवाने का विकल्प चुनता है, तो इंश्योरेंस करने वाली कंपनी समर्पण शुल्क लगाती है. यह आमतौर पर जमा राशि या प्रीमियम के प्रतिशत के रूप में लिया जाता है.

  • मोर्टेलिटी शुल्क:

    4. मोर्टेलिटी शुल्क:

    लाइफ़ कवर देने के खर्च के लिए इंश्योरेंस कंपनी द्वारा मोर्टेलिटी शुल्क लगाया जाता है. यह चार्ज बीमित राशि और बीमित व्यक्ति की उम्र के अनुसार बदलता है. आमतौर पर मोर्टेलिटी शुल्क मासिक आधार पर काटा जाता है.

  • फ़ंड प्रबंधन शुल्क:

    5. फ़ंड प्रबंधन शुल्क:

    यूलिप प्लान में जमा राशि को इक्विटी और ऋण में निवेश किया जाता है. पॉलिसीधारकों के पास किसी खास इक्विटी या ऋण फ़ंड के लिए निवेश करने का विकल्प होता है. निवेश फ़ंड को प्रोफ़ेशनल मनी मैनेजर संभालते है और फ़ंड प्रबंधन शुल्क उनकी फ़ीस को कवर करता हैं. यह शुल्क फ़ंड और प्लान के मुताबिक अलग-अलग होता है और नेट एसेट वैल्यू से जुड़ा होता है.

  • फ़ंड स्विचिंग शुल्क:

    6. फ़ंड स्विचिंग शुल्क:

    यूलिप निवेशकों को पर्याप्त लचीलापन देता है. पॉलिसीधारक अपने वित्तीय लक्ष्यों और बाजार की स्थिति के मुताबिक फ़ंड के बीच में स्विच कर सकते हैं. एक साल के अंदर स्विच किए गए फ़ंड नि:शुल्क हैं, लेकिन उसके बाद फ़ंड स्विचिंग शुल्क देना होता है.

  • डिसकंटिन्यूएंस शुल्क:

    7. डिसकंटिन्यूएंस शुल्क:

    यदि आप अनिवार्य पांच वर्ष के लॉक-इन अवधि के अंदर अपनी यूलिप पॉलिसी को जारी रखना बंद कर देते हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी एक मामूली शुल्क वसूल करेगी, जिसे डिसकंटिन्यूएंस शुल्क कहा जाता है.

  • आंशिक निकासी शुल्क:

    8. आंशिक निकासी शुल्क:

    ज़्यादातर यूलिप प्लान अनिवार्य लॉक-इन अवधि के बाद एकमुश्त राशि की आंशिक निकासी की अनुमति देते हैं. इंश्योरेंस कंपनी निकासी के लिए शुल्क लेती है, जिसे आंशिक निकासी शुल्क कहा जाता है.

यूलिप फ़ंड के प्रकार

कई तरह के निवेशक मुख्य रूप से लचीलेपन के कारण यूलिप का विकल्प चुनते हैं. पॉलिसीधारक अपने जोखिम सहने की क्षमता, वित्तीय लक्ष्य और निवेश की सीमा के मुताबिक यूलिप फ़ंड में निवेश करते हैं. यूलिप इक्विटी और ऋण से लेकर कैश फ़ंड तक पॉलिसीधारकों को कई फ़ंड विकल्प देते हैं.

1

इक्विटी फ़ंड (उच्च जोखिम):

यदि आप इक्विटी फ़ंड का विकल्प चुनते हैं, तो प्रीमियम का एक बड़ा हिस्सा सूचीबद्ध कंपनियों के स्टॉक में निवेश किया जाएगा. एक शोध टीम द्वारा समर्थित प्रोफ़ेशनल फ़ंड मैनेजर निवेश करने के लिए सबसे बेहतक कंपनियों की पहचान करता है. होल्डिंग में कंपनियों के आकार के मुताबिक, इक्विटी फ़ंड को स्मॉल कैप, मिड-कैप या लार्ज-कैप फ़ंड में बांटा जाता है. बीमाकर्ता के नियमों और शर्तों के आधार पर इक्विटी फ़ंड की इक्विटी का जोखिम 20% या इससे कम से लेकर 70% और इससे ज्यादा हो सकता है. इक्विटी फ़ंड उन निवेशकों के लिए ज़्यादा उपयुक्त है जिसमें जोखिम सहने की क्षमता अधिक है.

2

फ़िक्स्ड इनकम या बॉन्ड फ़ंड (मध्यम जोखिम):

ये यूलिप फ़ंड निश्चित आय पेश करने वाले इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं. कॉर्पोरेट बॉन्ड या फ़िक्स्ड-इनकम बॉन्ड में कई प्रीमियमों का निवेश किया जाता है. दोनों फ़ंड को इक्विटी फ़ंड की तुलना में ज़्यादा स्थिर माना जाता है और जोखिम से बचने वाले पॉलिसीधारकों के लिए एकदम सही है. ये फ़ंड लंबे समय के निवेश के लिए ज्यादा बेहतर है.

3

कैश/लिक्विड फ़ंड (कम जोखिम):

जैसा कि नाम से ही ज़ाहिर है, कैश फ़ंड प्रीमियम का बड़ा हिस्सा लिक्विड इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करता है. इसमें कैश या बैंक डिपॉजिट्स, कैश इक्विवेलेंट इंस्ट्रूमेंट्स, मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स या ज़्यादा क्रेडिट रैंकिंग के साथ छोटी अवधि वाले ऋण फ़ंड शामिल हैं. कैश फ़ंड के साथ जुड़ा जोखिम कम है, लेकिन इससे मिलने वाले लाभ भी कम होते हैं. कैश फ़ंड उन निवेशकों के लिए सही है जो कि जोखिम से ज़्यादा से ज़्यादा बचे रहना चाहते हैं.

आपको किस यूलिप फंड में निवेश करना चाहिए?

यूलिप निवेश फंड को निवेशकों के प्रकार के अनुरूप डिजाइन किया गया है।

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इक्विटी फ़ंड:

कई सारी प्रीमियमें सूचीबद्ध कंपनियों के स्टॉक में निवेश की जाती हैं. शोध टीमों की मदद से प्रोफ़ेशनल एनालिस्ट सबसे बेहतर स्टॉक की पहचान करते हैं और उसी के मुताबिक फ़ंड आवंटित किया जाता है. कंपनियों के आकार के आधार पर, फ़ंड को स्मॉल-कैप, मिड-कैप और लार्ज-कैप में बांटा जा सकता है. इक्विटी फ़ंड अपेक्षाकृत कम जोखिम भरे होते हैं और उन आक्रामक निवेशकों के लिए उपयुक्त होते हैं, जो विकास की तलाश में रहते हैं.

2

फ़िक्स्ड इनकम फ़ंड:

ये फ़ंड मुख्य रूप से सरकारी बॉन्ड, कॉर्पोरेट बॉन्ड और फ़िक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स जैसे ऋण इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं. फ़िक्स्ड इनकम फ़ंड या ऋण फ़ंड अपेक्षाकृत स्थिर होते हैं और जोखिम से बचने वाले निवेशकों के लिए ज़्यादा उपयुक्त होते हैं. ऋण फ़ंड को मध्यम जोखिम का निवेश माना जाता है.

3

लिक्विड फ़ंड:

आपके कई सारे प्रीमियमों को लिक्विड इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जाता हैं, जैसे कैश और बैंक डिपॉजिट्स, कैश इक्विवेलेंट सिक्योरिटीज़, मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स और उच्च क्रेडिंट रेटिंग के साथ कम समय वाले ऋण इंस्ट्रूमेंट्स. लिक्विड फ़ंड या कैश फ़ंड कम लाभ देते हैं और बेहद रूढ़ीवादी निवेशकों के लिए काफी उपयुक्त है.

बजाज आलियांज लाइफ द्वारा ऑफ़र किया गए पोर्टफोलियो स्ट्रेटेजीज

विभिन्न प्रकार के निवेश फंडों के अलावा जो आपकी रिस्क प्रोफ़ाइल के अनुसार निवेश करने में आपकी मदद करते हैं, बजाज आलियांज लाइफ यूलिप प्लान निम्नलिखित फंड प्रबंधन की पेशकश करते हैं-

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व्हील ऑफ़ लाइफ़ स्ट्रैटेजी:

उम्र के साथ जोखिम घटता-बढ़ता रहता है. जब आप जवान होते हैं, तब ज़्यादा जोखिम लेने की क्षमता होती है, जो धीरे-धीरे उम्र के साथ कम हो जाती है. यूलिप की व्हील ऑफ़ लाइफ़ पोर्टफोलियो मैंनेजमेंट स्ट्रैटेजी ज़्यादा रिटर्न तो देती है, लेकिन जोखिम भरे एसेट्स के लिए ज़्यादा व्हेटेज के साथ शुरू होती है, लेकिन परिपक्वता के लिए ज़्यादा स्थिर एसेट्स की तरफ बदल जाती है. पॉलिसी की शुरुआत में ज़्यादा इक्विटी आवंटित होती है, लेकिन आपके पोर्टफोलियो को जोखिम से बचाने के लिए धीरे-धीरे फ़िक्स्ड इनकम फ़ंड में बदल जाती है. रणनीति सुनिश्चित करती है कि मार्केट की स्थिति खराब होने पर भी आपको परिपक्वता पर स्थिर रिटर्न मिले. व्हील ऑफ़ लाइफ़ स्ट्रैटेजी उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो कि बच्चों की शिक्षा या घर खरीदने जैसे लंबे समय के लक्ष्य को लेकर चल रहे हैं.

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ऑटो ट्रांसफ़र पॉलिसी स्ट्रैटेजी:

ऑटो ट्रांसफ़र पोर्टफोलियो स्ट्रैटेजी एक व्यवस्थित निवेश का प्लान है, जिसके ज़रिए आप मध्यम जोखिम के साथ स्थिर रिटर्न पा सकते हैं. यह रणनीति कम जोखिम वाले बॉन्ड फ़ंड या लिक्विड फ़ंड में आपके सभी प्रीमियम का निवेश करती है. हालांकि, हर महीने की शुरुआत में, प्रीमियम का एक पहले से तय अनुपात आपकी पसंद के अन्य उच्च जोखिम फ़ंड में बदल दिया जाता है. ऑटो ट्रांसफ़र रणनीति स्थिर बढ़ोतरी सुनिश्चित करते हुए पूरे रिटर्न में सुधार करती है.

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ट्रिगर-बेस्ड पोर्टफोलियो स्ट्रैटेजी:

ट्रिगर-बेस्ड पोर्टफोलियो स्ट्रैटेजी विविधता के साथ धन की सुरक्षा पर फ़ोकस करती है। शुरुआती आवंटन पहले से तय इक्विटी और ऋण फ़ंड में 3:1 के अनुपात में है. यह अनुपात मार्केट की हलचल पर बदल जाता है. इक्विटी फ़ंड के एनएवी में 15% से ज़्यादा की वृद्धि को ट्रिगर इवेंट माना जाता है. ट्रिगर इवेंट पर इक्विटी में 3% से ज़्यादा वृद्धि होने पर यह लिक्विड में चला जाता है और 3:1 का मूल औसत बना रहता है.

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इन्वेस्टर सिलेक्टेबल पोर्टफोलिया स्ट्रैटेजी:

इन्वेस्टर सिलेक्टेबल पोर्टफोलियो स्ट्रैटेजी पॉलिसीधारक को उनके रिस्क प्रोफ़ाइल के मुताबिक निवेश करने का पूरा अधिकार देती है. स्ट्रैटेजी के तहत, आप उनके बीच निवेश और स्विच करने के लिए फ़ंड चुन सकते हैं. यदि पॉलिसीधारक चाहे तो पूरी तरह से इक्विटी फ़ंड या ऋण फ़ंट में निवेश कर सकता है या प्रीमियम का कई तरह के फ़ंड में बांट सकता है. इन्वेस्टमेंट सिलेक्टेबल स्ट्रैटेजी आपको आंशिक निकासी की स्थिति में फ़ंड को स्पष्ट रूप से बताने की अनुमति देती है.

यूलिप एनएवी ने स्पष्ट किया

यूलिप इंश्योरेंस कवर के साथ लंबे समय के लिए धन सृजन भी करते हैं. यूलिप मार्केट से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स जैसे ऋण, इक्विटी या कैश इक्विवेलेंट फ़ंड में निवेश करके धन सुनिश्चित करते हैं. हर यूलिप प्लान में यूलिप फ़ंड की एक व्यापक श्रृंखला होती है और हर फ़ंड में अंतर्निहित इक्विटी, ऋण या कैश एसेट्स होती है.

एनएवी या नेट एसेट वैल्यू फ़ंड किसी भी फ़ंड के प्रदर्शन को मापने का सूक्ष्म पैमाना है. एनएवी को सभी देनदारियों में कटौती के बाद एक फ़ंड द्वारा रखी गई संपत्ति के कुल मूल्य के रूप में परिभाषित किया गया है. फ़ंड के मौजूदा एसेट्स और किसी भी अर्जित आय के मूल्यों को एसेट्स की गणना करने के लिए लिया जाता है. एनएवी पाने के लिए देनदारियों मे कटौती फ़ंड प्रबंधन शुल्क, प्रावधानों, वर्तमान देनदारियों और सेवा शुल्क जैसे खर्चों की तरह हैं. बीमाकर्ता की वेबसाइट पर यूलिप एनएवी आसानी से मिल जाता है.

आमतौर पर लोग एनएवी प्रति यूनिट देखते हैं. फंड की कुछ यूनिट्स द्वारा फ़ंड के एनएवी को विभाजित करके एनएवी प्रति यूनिट पा सकते हैं. बीमा नियामक के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, इक्विटी होल्डिंग्स का मूल्यांकन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में स्टॉक के समापन मूल्य के आधार पर निर्धारित होता है. अगर एनएसई में स्टॉक सूचीबद्ध नहीं है, तो बीएसई पर शेयर की कीमत ली जाती है. यूलिप एनएवी की गणना के लिए एनएसई प्राइमरी एक्सचेंज और बीएसई सेकंडरी एक्सचेंज है.

पॉलिसीधारकों को उनके निवेश के आधार पर हर फ़ंड की यूनिट्स आवंटित की जाती हैं. इंश्योरेंस कंपनी द्वारा हर यूनिट का एनएवी दैनिक आधार पर घोषित होता है. यूलिप फ़ंड से मिले रिटर्न का पता लगाने के लिए एनएवी को ध्यान में रखना होता है.

यूलिप फ़ंड स्विचिंग फ़ीचर के बारे में बताया गया

निवेशकों के पास यूलिप फ़ंड के कई विकल्प हैं. आप अपने जोखिम सहने की क्षमता, निवेश का उद्देश्य और निवेश की अवधि के आधार पर इक्विटी फ़ंड या ऋण फ़ंड में निवेश कर सकते हैं. यूलिप प्लान लंबे समय के लिए किए जाने वाला निवेश विकल्प है, लेकिन वित्तीय लक्ष्य समय के साथ में बदल सकते हैं. यदि शुरुआती फ़ंड आवंटन का पैटर्न नए वित्तीय लक्ष्यों से मेल नहीं खाता है, तो निवेशकों के पास क्या विकल्प हैं? ऐसी परिस्थितियों में फ़ंड स्विचिंग विकल्प की पेशकश की जाती है. इस फ़ंड स्विचिंग विकल्प के ज़रिए, आप यूलिप फ़ंड के बीच स्विच कर सकते हैं. साथ ही फ़ंड आवंटन को अनिवार्य रूप से फिर से व्यवस्थित कर सकते हैं. इंश्योरेंस कंपनियां एक साल में नि:शुल्क फ़ंड स्विच की अनुमति देती हैं. बीएएलआईसी अपने नए ज़माने के यूलिप प्लान में असीमित नि:शुल्क स्विच सुविधा देता है.

अपनी यूलिप योजना के लिए क्लेम कैसे दायर करें

यूलिप प्लान मृत्यु लाभ के साथ परिपक्वता लाभ भी देता है. पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर, पॉलिसी नॉमिनी को मृत्यु लाभ का भुगतान करती है.

  • 1

    आपके यूलिप प्लान के लिए क्लेम दायर करने के लिए, बीमित व्यक्ति की मृत्यु के बारे में औपचारिक संचार इंश्योरेंस कंपनी को भेजें.

  • 2

    संबंधित दस्तावेज़ों के साथ क्लेम फॉर्म जमा करना होता है. फॉर्म में बुनियादी विवरण, जैसे बीमित व्यक्ति का नाम, मृत्यु की वजह और दावेदार का नाम, पूछे जाते हैं

  • 3

    क्लेम फॉर्म के साथ, दावेदार को पॉलिसी के मूल दस्तावेज, मृत्यु प्रमाणपत्र की प्रतियां, पहचान और पता के प्रमाण, दुर्घटना की स्थिति में पुलिस एफ़आईआर और बीमारी के कारण हुई मृत्यु के मामले चिकित्सीय रिकॉर्ड देने होते हैं.

  • 4

    बीमाकर्ता को 15 दिनों के अंदर स्पष्टीकरण लेना होता है और सभी दस्तावेजों के मिलने के 30 दिन के भीतर क्लेम का निपटान करना होता है. अतिरिक्त जांच के मामले में, क्लेम का 120 दिनों में निपटान करना होता है. निपटान में देरी होने पर, कंपनी पर दंड ब्याज देना होता है.

आपके यूलिप में से रूपये कैसे निकालें?

यूलिप लचीलेपन की वजह से एक पसंदीदा निवेश विकल्प बन गया है. यूलिप पॉलिसी की मुख्य विशेषताओं में से एक आंशिक निकासी विकल्प है. इस सुविधा के ज़रिए, आप जमा फ़ंड से एकमुश्त राशि निकाल सकते हैं. यूलिप प्लान एक लंबे समय के लिए किया जाने वाला निवेश विकल्प है और इसका निकासी विकल्प यूलिप पॉलिसी के जारी होने के पांच साल बाद ही इस्तेमाल किया जा सकता है, सभी यूलिप पॉलिसी में पांच साल की अनिवार्य लॉक-इन अवधि होती है. हालांकि आंशिक निकासी, जमा फ़ंड और बीमित राशि को प्रभावित करती है. इसलिए सिर्फ़ आपातकालीन स्थितियों में ही निकासी करने की सलाह दी जाती है

ऑनलाइन यूलिप पॉलिसी के आने से, इंश्योरेंस कंपनियों ने निकासी की प्रक्रिया को सरल बना दिया है. आंशिक निकासी के अनुरोध को ऑनलाइन सबमिट किया जा सकता है.

बजाज आलियांज लाइफ़ यूलिप प्लान क्यों चुनें

यूलिप एक इंश्योरेंस प्रोडक्ट है जो कि निवेश विकल्प भी देता है. इंश्योरेंस प्रोडक्ट में निवेश करने वाले लोग उनके प्रियजनों को उनके दुनिया में न रहने पर भी सुरक्षित करना चाहते हैं. अपने परिवार की भलाई के लिए, एक विश्वसनीय बीमाकर्ता को चुनना महत्वपूर्ण है. बजाज आलियांज लाइफ़ यूलिप प्लान कई तरह के अनूठे फायदे देता हैं जिसमें प्रोडक्ट और कंपनी दोनों शामिल हैं.

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विश्वसनीयता:

बजाज आलियांज लाइफ़ भारत में अग्रणी प्राइट लाइफ़ इंश्योरेंस कंपनी में से एक है. कंपनी अपने आप में दो शक्तिशाली और सफल संस्थाओं के बीच एक साझेदारी है. ये दो संस्थाएं हैं – भारत के सबसे विविध गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान में से एक बजाज फ़िनसर्व लिमिटेड और दुनिया के प्रमुख संपत्ति प्रबंधकों और बीमाकर्ता में से एक एलियांज़ एसई.

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क्लेम सेटलमेंट रेशो:

यूलिप प्लान लेने से पहले, यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि इंश्योरेंस कंपनी आपकी गैर-मौजूदगी में अपने वादे पर कायम रहेगी. अगर आपके परिवार के क्लेम को ठुकरा दिया जाता है, तो यूलिप इंश्योरेंस प्लान खरीदने के उद्देश्य को विफल कर देगा. क्लेम सेटलमेंट रेशो एक सूक्ष्म पैमाना है जो कि इंश्योरेंस कंपनी के क्लेम सेटलमेंट रिकॉर्ड के बारे में बताता है. यह बीमाकर्ता द्वारा एक वर्ष में निपटाए गए क्लेम की संख्या और उस वर्ष में किए गए क्लेम की कुछ संख्या का अनुपात है. बजाज आलियांज लाइफ़ का क्लेम सेटलमेंट रेशो 98.02%~ है for FY 19-20.

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कई विकल्प:

बजाज एलियांज़ लाइफ़ कई तरह के ग्राहकों के लिए विभिन्न यूलिप प्लान की मेजबानी करता है. आप अपने वित्तीय उद्देश्यों के मुताबिक 8 अलग-अलग यूलिप प्लान चुन सकते हैं और अपने जीवन के लक्ष्यों को पाने की योजना बना सकते हैं.

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एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम):

बजाज आलियांज लाइफ़ के पास 56,085** रुपये एयूएम है.

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एक्सटेंसिव डिस्ट्रिब्यूशन चैनल:

बजाज आलियांज लाइफ़ ने शाखा कार्यालयों और एजेंट्स के व्यापक नेटवर्क को स्थापित किया है. कंपनी 524 शाखाओं और 70,000+ से ज़्यादा एजेंट्स (30 सितंबर 2020  तक) के ज़रिए लाखों ग्राहकों को सेवा देती है. फ़िजिकल नेटवर्क के साथ, आप बजाज एलियांज़ लाइफ़ यूलिप प्लान को अपने घर आराम से बैठकर www.bajajallianzlife.com पर लॉगिन करके भी खरीद सकते हैं।.

~वित्तीय वर्ष 2019-2020 के लिए व्यक्तिगत दावों के निपटान का अनुपात |
** सभी आंकड़े 31 मार्च, 2020 के अनुसार हैं

बजाज आलियांज लाइफ़ की ओर से यूलिप प्लान**

बजाज आलियांज लाइफ़ आपके जीवन के लक्ष्यों को पाने में आपकी मदद करने के लिए यूलिप प्लान ऑफ़र करता है.

  1. बजाज आलियांज लाइफ़ लॉन्गलाइफ़ गोल - यूनिट लिंक्ड नॉन पार्टिसिपेटिंग होल लाइफ़ इंश्योरेंस प्लान

    ज़िन्दगी भर के लिए इंश्योरेंस कवर देने वाला अनुकूल यूलिप प्लान. सेवानिवृत्ति के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए व्यक्ति सेवानिवृत्त जीवन आय का विकल्प चुन सकता है. लॉयल्टी वृद्धि के ज़रिए व्यक्ति ज़्यादा रिटर्न का लाभ ले सकता है. पॉलिसी धारक, निवेश पोर्टफ़ोलियो की 4 रणनीतियों और 8 निवेश फ़ंड में से कोई भी चुन सकते हैं. यूलिप पॉलिसी को ऑनलाइन खरीदा जा सकता है.

  2. बजाज आलियांज लाइफ़ गोल एश्योर - यूनिट लिंक्ड नॉन पार्टिसिपेटिंग लाइफ़ इंश्योरेंस प्लान

    जीवन के लक्ष्यों को पाने में आपकी मदद करने के लिए तैयार किया गया नॉन पार्टिसिपेटिंग यूलिप. छठे साल से लॉयल्टी वृद्धि और परिपक्वता पर फ़ंड बूस्टर ऑफ़र करता है. यूलिप पॉलिसी में बढ़े हुए रिटर्न के साथ अवधि के अंत में मृत्यु दर के शुल्क वापस मिलते हैं. निवेशक, 4 पोर्टफ़ोलियो मैनेजमेंट रणनीतियों और 8 निवेश फ़ंड में से कोई भी चुन सकते हैं. यूलिप प्लान में रेग्युलर और लिमिटेड प्रीमियम पेमेंट टर्म के बीच विकल्प भी मिलता है. पॉलिसी को ऑनलाइन खरीदा जा सकता है.

  3. बजाज आलियांज फ़्यूचर गेन – यूनिट लिंक्ड एनडोमेंट इंश्योरेंस प्लान

    यूलिप 2 लाख रुपये से ऊपर के प्रीमियम के लिए कम प्रीमियम आवंटन शुल्क ऑफ़र करता है और इसलिए प्रीमियम की अधिकतम राशि का निवेश किया जाता है. पॉलिसी धारक मामूली अतिरिक्त मूल्य पर आकस्मिक मृत्यु, आकस्मिक स्थायी कुल या आंशिक विकलांगता और गंभीर बीमारी के लिए राइडर के ज़रिए पॉलिसी के कवरेज को बढ़ा सकते हैं. पॉलिसी के प्रीमियम पेमेंट टर्म को अवधि के दौरान कभी भी बढ़ाया जा सकता है. निवेशक, 2 पोर्टफ़ोलियो मैनेजमेंट रणनीतियों और 7 निवेश फ़ंड के बीच कोई भी चुन सकते हैं. पॉलिसी को ऑनलाइन खरीदा जा सकता है.

  4. बजाज आलियांज फ़ॉर्च्यून गेन – यूनिट लिंक्ड नॉन पार्टिसिपेटिंग लाइफ़ इंश्योरेंस प्लान

    एक ऐसा नॉन पार्टिसिपेटिंग यूलिप प्लान जिसमें 10 लाख रूपये या उससे ज़्यादा के प्रीमियम पर अधिकतम 99.5% फ़ंड आवंटन का विकल्प भी मिलता है. पॉलिसी में पूरे रिटर्न को बूस्ट करने वाली लॉयल्टी वृद्धि मिलती है. पॉलिसी धारक, 7 निवेश फ़ंड में से कोई भी चुन सकते हैं. पॉलिसी में असीमित फ़्री फ़ंड स्विच और स्विच करने के व्यवस्थित विकल्प मिलते हैं. पॉलिसी धारक, किश्तों में परिपक्वता के फ़ायदे पाने का विकल्प चुन सकते हैं. पॉलिसी को ऑनलाइन खरीदा जा सकता है.

  5. बजाज आलियांज लाइफ़ फ़्यूचर वेल्थ गेन - यूनिट लिंक्ड एनडोमेंट लाइफ़ इंश्योरेंस प्लान

    कई फ़ायदे देने वाला नॉन पार्टिसिपेटिंग यूलिप. वार्षिक प्रीमियम का कुछ प्रतिशत परिपक्वता पर फ़ंड बूस्टर के रूप में फ़ंड वैल्यू में जोड़ा जाता है. पॉलिसी धारक, दो पोर्टफ़ोलियो मैनेजमेंट रणनीतियों में से कोई भी चुन सकते हैं. निवेशक मामूली अतिरिक्त मूल्य पर राइडर के ज़रिए लाइफ़ इंश्योरेंस कवर को बढ़ा सकते हैं.

  6. बजाज आलियांज लाइफ़ गोल बेस्ड सेविंग – लाइफ़ कवर के शुल्कों की वापसी वाला नए दौर का यूलिप

    मृत्यु दर के शुल्कों की वापसी वाला नए दौर का यूलिप. पॉलिसी धारक, रेग्युलर, लिमिटेड और सिंगल प्रीमियम पेमेंट के विकल्पों में से चुन सकते हैं. यूलिप पॉलिसी में 8 फ़ंड में से चुनने का विकल्प मिलता है. व्यक्ति आंशिक निकासी विकल्प के ज़रिए आपात स्थिति में संचित निधि से एकमुश्त राशि भी निकाल सकता है.

  7. बजाज आलियांज लाइफ़ प्रिंसिपल गेन - गारंटीड मैच्युरिटी यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान

    गारंटीड परिपक्वता यूलिप प्लान जिसमें ज़्यादा रिटर्न की संभावना है. पॉलिसी में लॉयल्टी वृद्धि की गारंटी है. निवेशक, परिपक्वता के फ़ायदे किश्तों में लेने का विकल्प भी चुन सकते हैं.

  8. बजाज आलियांज रिटायर रिच - यूनिट लिंक्ड पेंशन प्लान

    बजाज एलियांज़ रिटायर रिच, एक यूनिट लिंक्ड डिफ़र्ड पेंशन प्लान, जिससे आपको रिटायरमेंट के बाद के अपने जीवन लक्ष्यों के लिए निवेश करने और उन्हें सुरक्षित रखने में मदद मिलती है. यह सेवानिवृत्ति लाभ योजना, एक कॉर्पस बनाने के लिए, आपको मार्केट से जुड़े फ़ंड में निवेश करने का लाभ उठाने में मदद करती है, जो आपके सेवानिवृत्त वर्षों के दौरान नियमित आय उत्पन्न करने के लिए उपयोग किया जाता है.

    **उपर दिए गए प्रोडक्ट के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध उनके संबंधित बिक्री साहित्य को देखें, .

जोख़िम उठाने की अपनी क्षमता के अनुसार यूलिप निवेश की योजना कैसे बनाएं

यूलिप ऐसे जटिल प्रोडक्ट हैं जो निवेश के साथ इंश्योरेंस देते हैं. निवेशक का पैसा इक्विटी, ऋण या दोनों फ़ंड के संयोजन में लगाया जाता है. निवेश फ़ंड के प्रदर्शन का संबंध पॉलिसी धारक के जीवन लक्ष्यों से है. जोखिम उठाने की क्षमता, वित्तीय उद्देश्य और निवेश की अवधि को ध्यान में रखकर ही यूलिप फ़ंड चुना जाना चाहिए. वित्तीय उद्देश्य और निवेश की अवधि का आसानी से पता लगाया जा सकता है, लेकिन जोख़िम उठाने की क्षमता निर्धारित करना मुश्किल हो सकता है. जोख़िम उठाने की आपकी क्षमता के अनुसार यूलिप निवेश करने का तरीका समझने के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि आप किस तरह का जोख़िम उठा सकते हैं.

अग्रेसिव (हाई रिस्क)

अग्रेसिव (हाई रिस्क)

बड़े पैमाने पर इक्विटी या हाई रिस्क वाले स्टॉक में निवेश करने वाले निवेशक, अग्रेसिव निवेशक होते हैं. ये लोग हाई रिस्क हाई रिवॉर्ड वाली स्ट्रेटजी फ़ॉलो करते हैं. पूंजी में वृद्धि यहां मुख्य उद्देश्य होता है.

मॉडरेट (मीडियम रिस्क)

मॉडरेट (मीडियम रिस्क)

अग्रेसिव कैटेगरी के विपरीत, फ़ंड को कॉर्पोरेट बॉन्ड, गवर्नमेंट सिक्योरिटीज़ या फ़िक्स्ड-इनकम इंस्ट्रूमेंट में निवेश किया जाता है. अग्रेसिव कैटेगरी की तुलना में इसमें रिस्क काफ़ी कम होता है.

संतुलित (मीडियम से हाई रिस्क)

संतुलित (मीडियम से हाई रिस्क)

सभी में सबसे स्थिर, ये यूलिप, फ़िक्स्ड इंटरेस्ट इंस्ट्रूमेंट के साथ इक्विटी निवेश को मिलाते हैं. निवेश योग्य कुल राशि को हाई रिस्क इक्विटी जैसे कंपनी के स्टॉक और लो रिस्क जैसे फ़िक्स्ड-इनकम इंस्ट्रूमेंट के बीच वितरित किया जाता है.

कन्ज़र्वेटिव (लो रिस्क)

कन्ज़र्वेटिव (लो रिस्क)

बॉन्ड मार्केट, इक्विटी मार्केट की तरह अस्थिर नहीं हैं, लेकिन बॉन्ड की कीमतें रोज़ाना बदल जाती हैं. कुछ लोगों में बहुत कम जोख़िम उठाने की क्षमता होती है और वे मध्यम जोख़िम उठाने को बहुत जोख़िम भरा मानते हैं. कन्ज़र्वेटिव निवेशक के फ़ंड को बड़े पैमाने पर नकद, बैंक डिपॉज़िट या नकद समकक्ष इंस्ट्रूमेंट में निवेश किया जाता है. रिस्क बहुत कम होने के कारण इसके रिटर्न भी कम ही होते हैं.

यूलिप प्लान से जुड़े आम सवाल

  • क्या कोविड-19 के कारण हुई मौतें, बजाज एलियांज़ लाइफ़ के यूलिप प्लान में कवर की जाएंगी?

    यूलिप प्लान, लाइफ़ इंश्योरेंस पॉलिसी हैं और स्वास्थ्य संबंधी मौतें लाइफ़ इंश्योरेंस प्लान के अंतर्गत कवर की जाती हैं. इसलिए, कोविड-19^ के कारण हुई मौतें बजाज एलियांज़ लाइफ़ के यूलिप प्लान में कवर की जाएंगी. कोविड-19 के कारण किसी पॉलिसी धारक की मौत होने की स्थिति में, उनके नामांकित व्यक्ति को सुनिश्चित राशि प्राप्त होगी.

    ^हमारी पॉलिसी में कोविड-19 संबंधी दावे कवर होते हैं, बशर्ते कि पॉलिसी के नियम और शर्तों को पूरा किया गया है

  • यूलिप का फ़ुल फ़ॉर्म क्या है?

    यूलिप का फ़ुल फ़ॉर्म यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान है और इनसे लाइफ़ इंश्योरेंस और निवेश का दोहरा लाभ मिलता है.

  • क्या यूलिप एक अच्छा निवेश है?

    यूलिप से मार्केट से जुड़े रिटर्न के साथ ही इंश्योरेंस कवर मिलता है. यूलिप अनुकूल होते हैं, जिससे निवेशक आंशिक निकासी या फ़ंड स्विच कर पाते हैं. निवेशक द्वारा चुने जाने के लिए कई तरह के यूलिप फ़ंड हैं. यूलिप से कई तरह के निवेशकों को सुविधाएं मिलती हैं. जोख़िम से बचने वाले निवेशक ऋण फ़ंड में निवेश कर सकते हैं जबकि उच्च जोखिम उठाने वाले लोग इक्विटी फ़ंड में निवेश कर सकते हैं.

  • मेरे निवेश पोर्टफ़ोलियो में यूलिप का होना क्यों ज़रूरी है?

    यूलिप आपके जीवन लक्ष्यों के अनुकूल हो सकते हैं- लंबे समय के आपके सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद करने के लिए यूलिप, पसंदीदा निवेश टूल में से एक है. आप जोख़िम उठाने की अपनी क्षमता, जीवन की परिस्थितियों, जीवन के लक्ष्य और उसे हासिल करने की अपनी इच्छित समय सीमा के आधार पर यूलिप प्लान चुन सकते हैं.

    निवेश और सुरक्षा का दोहरा फ़ायदा- यूलिप प्लान से धन सृजन और सुरक्षा दोनों सफलताएं साथ-साथ मिलती हैं लाइफ़ कवर का मतलब है कि आपका परिवार आपकी अनुपस्थिति में भी अपने जीवन के लक्ष्य पूरे कर सकता है. दूसरी ओर आपका निवेश पोर्टफ़ोलियो आपके जीवन लक्ष्यों को पाने के लिए ज़रूरी धन संचय करने में आपकी मदद कर सकता है.

    आपकी अद्वितीय ज़रूरतें पूरी करने की अनुकूलता- यूलिप प्लान में, आप जोख़िम उठाने की अपनी क्षमता और अपने जीवन के लक्ष्य पूरे करने की समय-सीमा के आधार पर इक्विटी, ऋण या उनका संयोजन चुन सकते हैं.

    अपनी ज़रूरत के हिसाब से फ़ंड स्विच करें- आपके रिटर्न को ऑप्टिमाइज़ करने के लिए मार्केट के प्रदर्शन, जोख़िम उठाने की आपकी क्षमता और आपके वित्तीय लक्ष्यों के आधार पर, आपके पास चुने गए यूलिप प्लान के तहत उपलब्ध इक्विटी या ऋण फ़ंड के बीच स्विच करने की स्वतंत्रता है.

    कम शुल्क शामिल हैं- नए दौर के यूलिप में शुल्क, पॉलिसी की अवधि में शामिल हैं यूलिप में फ़ंड मैनेजमेंट शुल्क (FMC) की उच्चतम सीमा IRDA द्वारा 1.35% पर निश्चित की गई है. अन्य शुल्क जैसे पॉलिसी एडमिनिस्ट्रेशन शुल्क और प्रीमियम आवंटन शुल्क में पिछले कुछ वर्षों में काफी कमी आई है.

    कर बचत- आप आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80C के तहत, यूलिप प्लान के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम हेतु अपनी कर योग्य आय के लिए 1.5 लाख रूपये तक की कटौती का लाभ उठा सकते हैं. निर्दिष्ट शर्तों की पूर्ति के अधीन, आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10(10D) के तहत परिपक्वता लाभ और मृत्यु लाभ की राशि को भी आयकर से छूट दी गई है. इसके अतिरिक्त, केवल यूलिप ही ऐसे इक्विटी लिंक्ड इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट हैं जिन्हें लॉन्ग-टर्म केपिटल गेन टेक्स (LTCG) से छूट दी गई है. यह आपको इक्विटी से ऋण और इसके विपरीत स्विच करने की परेशानी रहित और कर कुशल सुविधा प्रदान करता है.

  • मैं अपना पसंदीदा यूलिप कैसे चुनूं?

    यूलिप चुनने का एक अहम फ़ायदा यह है कि आप इसे अपने अनूठे वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार अनुकूल बना सकते हैं. ये कारण आपको पसंदीदा यूलिप पर ध्यान देने में मदद करेंगे:

    पिछले फ़ंड प्रदर्शन के आधार पर प्लान चुनें- निवेश का मुख्य कारण सबसे अच्छा संभव रिटर्न प्राप्त करना है ताकि आप अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें और अपनी वित्तीय प्रतिबद्धताओं को पूरा कर सकें. इसलिए, यूलिप प्लान चुनने से पहले उसके पिछले फ़ंड प्रदर्शन का विश्लेषण करें. पिछला फ़ंड प्रदर्शन आपको इस बात का संकेत देगा कि आप अपने निवेश से किस तरह के रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं, हालांकि पिछला प्रदर्शन भविष्य के प्रदर्शन का संकेत नहीं होता है

    एसेट के बेहतर आवंटन के लिए फ़ंड के और विकल्प चुनें- ऐसा यूलिप प्लान चुनें जो एसेट के आवंटन के लिए कई प्रकार के फ़ंड देता हो. फ़ंड के एक विविध पोर्टफ़ोलियो से आपको अपने एसेट के बेहतर आवंटन में मदद मिलती है और आपका जोख़िम भी कम हो जाता है.

    कम शुल्क = अधिक लाभ- नए दौर के न्यूनतम शुल्क वाले यूलिप आपके एसेट के अधिकतम हिस्से को निवेश करेंगे, इस प्रकार रिटर्न को बढ़ाएंगे और आपके वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेंगे.

    सुविधा के लिए प्रीमियम पेमेंट के और विकल्प- यूलिप प्लान आमतौर पर सिंगल प्रीमियम प्लान, लिमिटेड प्रीमियम प्लान या रेग्युलर प्रीमियम प्लान के रूप में आता है. आप अपनी आवश्यकता और वित्तीय स्थिति के अनुकूल प्लान चुन सकते हैं.

    अधिकतम फ़्री स्विच वाला प्लान चुनें- यूलिप प्लान के महत्वपूर्ण लाभों में से एक ऋण या इक्विटी फ़ंड के बीच स्विच कर पाना है. फ़ंड स्विच करने की सुविधा से आप अपनी आवश्यकताओं और जोख़िम उठाने की क्षमता के अनुसार एक प्रकार के फ़ंड से दूसरे में स्विच करके मार्केट की अस्थिरता का लाभ उठा सकते हैं. ऐसा प्लान चुनें जिसमें आप अधिकतम फ़्री स्विच कर सकें.

  • यूलिप में सुनिश्चित राशि और परिपक्वता लाभ के बीच क्या अंतर है?

    यूलिप में इंश्योरेंस और निवेश के दोहरे लाभ मिलते हैं. यूलिप के माध्यम से पॉलिसी धारक, इक्विटी और डेट फ़ंड या दोनों में साथ में निवेश कर सकते हैं. अगर पॉलिसी धारक पॉलिसी के बाद जीवित रहता/रहती है तो उसे संचित फ़ंड मूल्य का भुगतान किया जाता है. इसे परिपक्वता लाभ कहते हैं. सुनिश्चित राशि वह राशि है जो पॉलिसी की अवधि के दौरान पॉलिसी धारक की मृत्यु की स्थिति में नामित व्यक्ति को मिलेगी. इंश्योरेंस प्लान होते हुए यूलिप पॉलिसी में मृत्यु लाभ के रूप में गारंटीकृत सुनिश्चित राशि है जो पॉलिसी के नियम और शर्तों के अधीन है.

  • यूलिप पॉलिसी की अवधि के दौरान क्या मैं अपनी सुनिश्चित राशि बढ़ा या घटा सकता/सकती हूं?

    हां, कुछ यूलिप प्लान में पॉलिसी धारक सुनिश्चित राशि को बढ़ा या घटा सकते हैं. आम तौर पर, इंश्योरेंस कंपनियां, पॉलिसी की अवधि और शर्तों के तहत एक निश्चित अवधि के बाद सुनिश्चित राशि के संशोधन की अनुमति देती हैं.

  • मेरी यूलिप पॉलिसी की परिपक्वता पर, मुझे कितनी राशि मिलेगी?

    यूलिप पॉलिसी की परिपक्वता राशि, निवेश फ़ंड के प्रदर्शन पर निर्भर करती है. जब कोई व्यक्ति यूलिप पॉलिसी खरीदता है, तो उसे अपने पैसे निवेश करने के लिए एक या कई फ़ंड चुनने पड़ते हैं. पॉलिसी धारक पॉलिसी की अवधि के दौरान फ़ंड स्विच कर सकते हैं. संचित फ़ंड मूल्य का भुगतान परिपक्वता पर किया जाता है.

  • क्या यूलिप का परिपक्वता लाभ कर योग्य है?

    यूलिप प्लान में कई तरह के कर लाभ मिलते हैं. प्रीमियम कर कटौती के लिए योग्य हैं जबकि परिपक्वता और मृत्यु लाभ आयकर से मुक्त हैं. यूलिप का परिपक्वता लाभ आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10(10 D) के तहत आयकर से मुक्त है, जो बताए गए प्रावधानों के अधीन है.

  • मेरा यूलिप फ़ंड मूल्य देखने का क्या तरीका है?

    यूलिप प्लान की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बीमाकर्ता नियमित रूप से नेट एसेट वैल्यू प्रदान करते हैं. निवेश फ़ंड का पिछला NAV बीमाकर्ता की वेबसाइट पर भी देखा जा सकता है.

  • क्या मैं विभिन्न यूलिप फ़ंड के बीच स्विच कर सकता/सकती हूं?

    यूलिप निवेशक इक्विटी, ऋण और लिक्विड फ़ंड में से किसी एक को चुन सकते हैं. उद्देश्य, जोख़िम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि के आधार पर निवेश फ़ंड चुने जाते हैं. पॉलिसी धारक अपनी इच्छानुसार यूलिप फ़ंड स्विच कर सकता/सकती है. एक साल में, एक निश्चित संख्या में फ़ंड स्विच करना फ़्री है. BALIC अपने नए दौर के प्लान में असीमित फ़्री स्विच प्रदान करता है.

  • यूलिप NAV क्या है?

    यूलिप की NAV या नेट एसेट वैल्यू किसी निश्चित दिन तक फ़ंड की हर यूनिट की वैल्यू को कहा जाता है.
    NAV की गणना के लिए उपयोग किया जाने वाला फ़ॉर्मूला यह है:
    NAV = (मौजूदा एसेट का मूल्य + किए गए निवेश का मार्केट मूल्य) – (वर्तमान देयताओं और प्रावधानों का मूल्य) / आज की तारीख पर बकाया इकाइयों की कुल संख्या..
    आप अपने इंश्योरेंस प्रोवाइडर की वेबसाइट पर जाकर NAV का उपयोग करके पिछला फ़ंड प्रदर्शन निर्धारित कर सकते हैं और अन्य फ़ंड से इसकी तुलना भी कर सकते हैं.

  • मैं अपना यूलिप NAV कैसे देख सकता/सकती हूं?

    यूलिप NAV बीमाकर्ता की वेबसाइट पर देखा जा सकता है. हर फ़ंड का NAV दैनिक आधार पर इंश्योरेंस कंपनी द्वारा घोषित किया जाता है. NAV एक महत्वपूर्ण मीट्रिक है जो यूलिप प्लान के रिटर्न की गणना करने में मदद करता है.

  • क्या मैं लॉक-इन अवधि के दौरान अपना यूलिप सरेंडर कर सकता/सकती हूं?

    यूलिप प्लान लंबे समय के निवेश के विकल्प हैं. यूलिप प्लान का अधिकतम लाभ उठाने के लिए, व्यक्ति को पूरी अवधि के लिए निवेश बनाए रखना चाहिए. पॉलिसी धारकों के लिए इष्टतम रिटर्न सुनिश्चित करने हेतु यूलिप में 5 साल का लॉक-इन अनिवार्य है. आप लॉक-इन अवधि में पॉलिसी सरेंडर कर सकते हैं, लेकिन लॉक-इन अवधि समाप्त होने के बाद ही संचित फ़ंड वितरित किए जाएंगे.

  • यूलिप, टर्म प्लान जैसे पारंपरिक लाइफ़ इंश्योरेंस से अलग कैसे है?

    भले ही यूलिप एक इंश्योरेंस प्रोडक्ट है, लेकिन इससे निवेश के लाभ भी मिलते हैं. यूलिप और पारंपरिक इंश्योरेंस प्लान के बीच सबसे बड़ा अंतर यूलिप से मिलने वाले मार्केट से जुड़े रिटर्न हैं. टर्म इंश्योरेंस जैसे पारंपरिक प्लान में निवेश घटक नहीं है, लेकिन ऐसे प्लान भी मार्केट से जुड़े रिटर्न नहीं देते जिनमें निवेश घटक है.

  • यूलिप प्रपोज़ल फ़ॉर्म जमा करने से पहले, मुझे कौन से सेक्शन दोबारा जांचने चाहिए?

    यूलिप प्रपोज़ल फ़ॉर्म जमा करने से पहले, पॉलिसी में उल्लिखित किसी भी शुल्क की तरह कुछ बिंदुओं की जांच करना महत्वपूर्ण है. आपको पॉलिसी में उल्लिखित किसी भी विशेषता, लाभ, अपवाद और सीमाओं की भी जांच करनी चाहिए. इनके साथ ही, पॉलिसी लैप्स और संबंधित नुकसानों से जुड़ा सेक्शन पढ़ें. कोई भी अन्य प्रकटीकरण देखें.

  • मेरी यूलिप पॉलिसी किन परिस्थितियों में समाप्त की जा सकती है?

    आपकी यूलिप पॉलिसी को तुरंत समाप्त कर दिया जाएगा
    1) पॉलिसी प्रतिबंध पर
    2) उस तारीख को जब इंश्योरेंस कंपनी को पॉलिसी धारक की मृत्यु की सूचना मिलेगी
    3) परिपक्वता की तारीख पर
    4) सेटलमेंट की समय-सीमा समाप्त होने पर
    5) फ़्री-लुक अवधि के दौरान पॉलिसी रद्द करने पर
    6) पॉलिसी धारक को सरेंडर के लाभ या समापन मूल्य का भुगतान करने पर.
    हर प्रोडक्ट के अपने अलग-अलग नियम और शर्तें हैं, इसलिए उन्हें पढ़ना महत्वपूर्ण है.